सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में असम स्थापना दिवस समारोह संपन्न; कुलपति प्रो. कविता शाह ने किया संबोधित

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश शासन एवं राजभवन के निर्देशों के क्रम में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर में असम स्थापना दिवस समारोह का उत्सवपूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने की, जिन्होंने असम को भारत की एकता, सांस्कृतिक समृद्धि और पूर्वोत्तर का सुदृढ़ द्वार बताया।

असम: सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय आधार

कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने अपने संबोधन में असम के बहुआयामी महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि असम भारत की एकता, सांस्कृतिक विरासत, भौगोलिक मजबूती और आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने ब्रह्मपुत्र घाटी की प्राकृतिक संपदा, चाय उद्योग, हस्तशिल्प, लोककलाओं और पारंपरिक उत्पादों की सराहना की।

कुलपति ने विशेष रूप से विश्व के सबसे बड़े नदी द्वीप माजुली द्वीप के अद्वितीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख किया, जिसे वर्तमान में पर्यावरणीय संरक्षण की आवश्यकता है। उन्होंने पद्मश्री वन पुरुष जाधव “मोलाई” पायेंग के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि 30 मिलियन से अधिक पौधे लगाकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि एक व्यक्ति भी प्रकृति संरक्षण की महान मिसाल बन सकता है।

पूर्वोत्तर राज्यों का सामरिक महत्व

प्रो. कविता शाह ने सिलीगुड़ी गलियारे और अविभाजित असम के सामरिक भौगोलिक महत्व पर भी बात की। उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर के 7 राज्य देश की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय परंपराओं और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इन राज्यों को शेष भारत से जोड़ने वाला सिलीगुड़ी गलियारा अत्यंत सामरिक और राष्ट्रीय महत्व का क्षेत्र है, जो भारत की सुरक्षा, व्यापार और आंतरिक संपर्क के लिए जीवनरेखा के समान है।

BHU प्रोफेसर ने बताया ‘सांस्कृतिक आत्मा’

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की विधि संकाय की प्रोफेसर डॉ० बिपाशा गोस्वामी ने असम को “भारत की सांस्कृतिक आत्मा” बताया। डॉ. गोस्वामी ने कहा कि असम प्राचीन काल से भारत की सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रहा है।

समारोह में डॉ. भूपेन हजारिका के प्रसिद्ध गीत “दिल हुम-हुम करे” की प्रस्तुति ने भावनात्मक और राष्ट्रीय एकता का संदेश भरा। इस अवसर पर रंगोली, पोस्टर और प्रश्नोत्तरी जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रेनू त्रिपाठी ने किया तथा आभार ज्ञापन अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीता यादव ने प्रस्तुत किया।

रिपोर्ट : जाकिर खान

 

Also Read: सिद्धार्थनगर: विवाहिता की संदिग्ध मौत पर इटवा थाने में हंगामा, मायके वालों ने लगाया हत्या का आरोप

Get real time updates directly on you device, subscribe now.