Lucknow News: अमौसी एयरपोर्ट पर फ्लाइट का इंतजार कर रहे यात्री की मौत

Lucknow News: लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर उड़ानों के निरस्तीकरण से जहां यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं, वहीं इस अव्यवस्था ने एक परिवार को गहरा आघात भी दे दिया। कानपुर निवासी अनूप पांडेय, जो कोकाकोला कंपनी में फाइनेंस एग्जीक्यूटिव थे, फ्लाइट के इंतजार के दौरान अचानक बीमार पड़ गए और इलाज के लिए लोकबंधु अस्पताल ले जाए जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शुक्रवार देर रात हुई इस घटना के बाद रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

मिली जानकारी के मुताबिक, अनूप पांडेय, कल्याणपुर कानपुर के रहने वाले थे और अपनी पत्नी पूजा व दो बच्चों के साथ बंगलूरू में रहते थे। रिश्तेदार की तेरहवीं में शामिल होने के लिए वे पांच दिन पहले कानपुर आए थे। उनकी बंगलूरू वापसी के लिए वाया दिल्ली कनेक्टिंग फ्लाइट तय थी, लेकिन लगातार उड़ानें रद्द होने से वे तनाव में थे। परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने एयरपोर्ट अधिकारियों से सीसीटीवी फुटेज और जानकारी मांगी तो कोई सहयोग नहीं मिला। अनूप के भाई ने कहा कि एयरपोर्ट पर इलाज की उचित व्यवस्था होती तो शायद अनूप की जान बच सकती थी।

अमौसी एयरपोर्ट पर इंडिगो की उड़ानें निरस्त होने के कारण यात्री पिछले कई दिनों से भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। रविवार को भी लखनऊ आने-जाने वाली 33 उड़ानें रद्द रहीं। दिल्ली से आने वाली एक फ्लाइट को कोलकाता डायवर्ट कर दिया गया, जिससे यात्रियों की दिक्कतें बनी रहीं। लगभग 740 यात्रियों को अपने टिकट कैंसिल करवाने पड़े। एयरपोर्ट पर कई यात्री व्यवस्था के अभाव में रोते और नाराजगी व्यक्त करते दिखाई दिए।

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एयरपोर्ट पर रोए यात्री

वहीं इसी बीच बलरामपुर से आई दो सगी बहनें भी अपनी फ्लाइट रद्द होने की सूचना मिलते ही हताश हो गईं और एक बहन रो पड़ी। उनका भाई उन्हें ड्रॉप कर लौट चुका था, जिससे वे वापस जाने को लेकर परेशान थीं। इसी तरह, गोरखपुर के कपिल यादव की अबूधाबी के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई क्योंकि लखनऊ से मुंबई की फ्लाइट रद्द कर दी गई थी। वहीं लखनऊ निवासी अरविंद कुमार कई बार इंडिगो से टिकट कन्फर्म कराने के बाद भी एयरपोर्ट पहुंचकर फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना पाकर भड़क गए।

उड़ानों के बार-बार निरस्त होने से यात्रियों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। होटल, टैक्सी और दोबारा टिकट के भारी खर्चों ने लोगों को आर्थिक रूप से भी प्रभावित किया है। यात्रियों ने डीजीसीए से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि बिना पूर्व सूचना फ्लाइट रद्द करना सरासर अन्याय है और एयरलाइंस की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

इस बीच अनूप पांडेय की मौत ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अनूप के बड़े भाई का कहना है कि एयरपोर्ट पर डॉक्टर होते तो अनूप की जिंदगी बच सकती थी। 46 वर्षीय अनूप, जो कोकाकोला में सेल्स जोनल हेड के पद पर कार्यरत थे, अपने दो बच्चों- 17 वर्षीय बेटी श्रेया और हाईस्कूल में पढ़ने वाले बेटे पारस के साथ बंगलूरू में रहते थे। पिता का शव देखकर बेटी श्रेया फफक पड़ी और रोते हुए उससे लिपट गई।

 

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