यूपी के 30,000 से अधिक शिक्षामित्रों को बड़ी राहत, गृह जिले के पास तैनाती का आदेश जारी
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रदेश के लगभग 30 हजार से अधिक शिक्षामित्रों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने उनकी लंबे समय से लंबित मांग को मानते हुए, शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय या गृह जिले/गांव के पास के स्कूलों में वापस भेजने का आदेश मंगलवार को जारी कर दिया है। यह कदम उन्हें इस जाड़े की छुट्टियों में बड़ी राहत देगा।
किसे और कैसे मिलेगा लाभ?
बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी की ओर से जारी आदेश में स्थानांतरण की प्रक्रिया और पात्रता को स्पष्ट किया गया है:
| शिक्षामित्र वर्ग | लाभ/तैनाती की प्राथमिकता |
| महिला शिक्षामित्र | उन्हें अपने वर्तमान तैनाती स्थल या पति के घर की ग्राम सभा/ग्राम पंचायत/वार्ड में तैनाती दी जा सकेगी। |
| पुरुष/अविवाहित महिला | यदि उनके मूल तैनाती विद्यालय में पद खाली है, तो उनकी तैनाती वहीं कर दी जाएगी। |
| पद खाली न होने पर | मूल विद्यालय में जगह खाली न होने पर, उन्हें उसी मूल विद्यालय की ग्राम सभा, ग्राम पंचायत या वार्ड में स्थित किसी अन्य विद्यालय में पद खाली होने पर तैनात किया जाएगा। |
| वर्तमान स्थल पर इच्छुक | जो शिक्षामित्र अपनी वर्तमान तैनाती स्थल पर बने रहना चाहते हैं, उनके विकल्प पर कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी। |
समायोजन की प्रक्रिया
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पहला चरण: शिक्षामित्रों से एक निर्धारित प्रारूप पर जानकारी ली जाएगी। पहले चरण में उन शिक्षामित्रों को मौका मिलेगा जो मूल विद्यालय में पद खाली रहने पर या पास के विद्यालय में तबादले के इच्छुक हैं।
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समिति: स्थानांतरण/समायोजन की प्रक्रिया जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति पूरी करेगी। इस समिति में सीडीओ, डायट प्राचार्य, बीएसए व सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी सदस्य होंगे।
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रिक्तियों की गणना: विभाग की ओर से रिक्तियों की गणना पूर्व में जारी निर्देश के अनुसार की जाएगी, जिसके तहत हर विद्यालय में अधिकतम दो शिक्षामित्र (नक्सल प्रभावित विद्यालयों में अधिकतम तीन) ही रह सकते हैं।
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दूसरा चरण: समायोजन की प्रक्रिया दो चरणों में होगी। पहले चरण के बाद, दूसरे चरण के समायोजन के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
संघ ने जताया आभार
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने शासन का आभार जताया है और कहा है कि इस कवायद से लगभग 30 हजार शिक्षामित्र प्रभावित होंगे, जिन्हें अपने घर के पास काम करने का मौका मिल जाएगा। उन्होंने विभाग से जिला स्तर पर जल्द प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की है।

