बहराइच हिंसा: रामगोपाल हत्याकांड में आज आएगा कोर्ट का फैसला, 11 अभियुक्तों की सज़ा पर टिकी सबकी निगाहें
Sandesh Wahak Digital Desk: बहराइच जिले में 13 अक्तूबर 2024 को बहराइच में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा हत्याकांड में आज, 11 दिसंबर 2025 को कोर्ट का बहुप्रतीक्षित फैसला आने वाला है। जिला मुख्यालय के साथ-साथ महराजगंज क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
घटनाक्रम और परिणाम
13 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन के उल्लास के बीच रामगोपाल की जघन्य हत्या के बाद पूरे जिले में बड़े पैमाने पर उपद्रव और सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे।
दंगे नियंत्रित करने के लिए पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात करना पड़ा था। हालात बिगड़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद यूपी एसटीएस चीफ अमिताभ यश को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। न्यायालय आज इस चर्चित हत्याकांड के 11 दोषियों को सज़ा सुनाएगा।

दोषियों पर सज़ा का प्रावधान
दीवानी न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता बीडी वर्मा ने बताया कि अभियुक्तों पर सात गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पीड़ित परिजन जघन्य हत्या के लिए फांसी की सज़ा की उम्मीद लगाए हैं, जबकि कानूनी जानकारों के अनुसार कुछ दोषियों को उम्रकैद की सज़ा भी हो सकती है।
गंभीर धाराएं: 190, 109(2) और 61(2) में मृत्युदंड और आजीवन कारावास तक का प्रावधान है।
अन्य धाराएं: धारा 191(2) में दो वर्ष, 191(3) में पांच वर्ष, 249 में पांच वर्ष और धारा 30 आर्म्स एक्ट में छह माह की सजा का प्रावधान है।
जिन अभियुक्तों पर फैसला आएगा
अब्दुल हमीद, फहीम, सरफराज उर्फ रिंकू, मोहम्मद तालिब उर्फ सबलू, सैफ अली, जावेद खान, मोहम्मद जिशान उर्फ राजा उर्फ साहिर, शोएब खान, ननकऊ और मारूफ।

रामगोपाल की मां मुन्नी देवी और पत्नी रोली मिश्रा बेटे की हत्या के बाद गहरे सदमे में हैं। पिता कैलाश नाथ मिश्र बेटे की मौत के बाद से ही बीमार चल रहे हैं और वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। बड़े बेटे हरमिलन मिश्र ही अब परिवार का सहारा हैं। परिवार और ग्रामीण सभी चाहते हैं कि हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि न्याय पूरा हो सके।
फैसले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अपर पुलिस अधीक्षक डीपी तिवारी ने बताया कि मुख्यालय के साथ ही महराजगंज क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रभावित क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत के फैसले के बाद किसी भी पक्ष की ओर से अनावश्यक भीड़ इकट्ठी नहीं होने दी जाएगी ताकि तनावपूर्ण स्थिति न बन सके।
निलंबित पुलिस अधिकारी और विभागीय जांच
इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के आरोप में कुछ पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया था। हरदी एसओ सुरेश कुमार वर्मा, महसी चौकी इंचार्ज शिव कुमार सरोज और सीओ रूपेंद्र गौड़। अपर पुलिस अधीक्षक डीपी तिवारी के अनुसार, इन सभी के खिलाफ चल रही विभागीय जांच अब अंतिम चरण में है और निष्क्रियता तथा लापरवाही के आरोप में शीघ्र ही कार्रवाई संभव है।

