कुशीनगर में बड़ा खुलासा: 30 ग्राम पंचायतों में करोड़ों की वित्तीय अनियमितताएं उजागर, डीएम ने दिया अल्टीमेटम

Sandesh Wahak Digital Desk: जनपद कुशीनगर में ग्राम पंचायतों के वित्तीय प्रबंधन में बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियाँ एवं पंचायतें द्वारा वर्ष 2023-24 की लेखा परीक्षा में जिले की 30 ग्राम पंचायतों में धन का व्यापक दुरुपयोग, अपव्यय और वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।

जिलाधिकारी का सख्त निर्देश

अधिभार प्रतिवेदन को गंभीरता से लेते हुए, जिलाधिकारी (डीएम) महेन्द्र सिंह तंवर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पंचायत राज नियमावली 1947 के नियम 256 (1) के अंतर्गत सभी संबंधित ग्राम प्रधानों को निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं।

सभी प्रधानों को दो माह के भीतर अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों से संबंधित अनियमितताओं पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा।

डीएम ने चेतावनी दी है कि सरकारी धन के दुरुपयोग पर शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी।

यदि समय सीमा में स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया जाता है या प्रस्तुत उत्तर असंतोषजनक पाया जाता है, तो संबंधित अनियमित धनराशि को भू-राजस्व की भांति वसूल किया जाएगा।

डीएम महेन्द्र सिंह तंवर ने आश्वस्त किया है कि सभी प्राप्त स्पष्टीकरणों का परीक्षण कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इन ब्लॉकों में उजागर हुईं अनियमितताएं

लेखा परीक्षा में चिह्नित 30 ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपये की अनियमितताएँ पाई गई हैं। अनियमितता की राशि ₹3,950 से लेकर ₹30,65,481 रुपये तक दर्ज की गई है। ये 30 गाँव दुदही, खड्डा, रामकोला, कप्तानगंज, पड़रौना, फाजिलनगर, तमकुही, सेवरही, विशुनपुरा, और नेबुआ नौरंगिया विकास खण्डों से संबंधित हैं।

प्रमुख विकास खण्ड: दुदही, खड्डा, रामकोला, कप्तानगंज, पड़रौना, फाजिलनगर, तमकुही, सेवरही, विशुनपुरा, नेबुआ नौरंगिया।

रिपोर्ट : राघवेंद्र मल्ल

 

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