कानपुर में विवाहिता की दर्दनाक मौत, प्रेमी पर दुष्कर्म व क्रूरता करने का आरोप

Kanpur News: कानपुर के बिधनू थानाक्षेत्र के जगदीशपुर गाँव में 21 वर्षीय विवाहिता मानसी की रहस्यमय और दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मानसी पिछले छह महीने से अपने प्रेमी मनीष यादव के साथ उसके घर पर रह रही थी। मौत के बाद मानसी के परिजनों ने मनीष यादव पर बेहद गंभीर और क्रूर आरोप लगाए हैं। मानसी के पिता धर्मवीर ने आरोपी प्रेमी मनीष यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, जिसके बाद से आरोपी फरार है। पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं।

परिजनों द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोप है कि मनीष ने मानसी के साथ पहले जबरन दुष्कर्म किया और फिर उसके प्राइवेट पार्ट में कपड़े के टुकड़े ठूंस दिए। इस क्रूर अपमान और दर्द से तंग आकर मानसी ने सल्फास खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतका की मां नीलम सदमे में हैं और उन्होंने चीख-चीख कर आरोप लगाया, मेरी बेटी को मनीष ने मार डाला। वह इतना बर्दाश्त नहीं कर पाई और सल्फास खा लिया। अगर वह एक बार फोन कर देती तो हम उसे बचा लेते।

6 महीने पहले मायके से हुई थी फरार

मानसी की शादी तीन साल पहले कानपुर देहात में हुई थी। करीब नौ महीने पहले उसकी मुलाकात सोशल मीडिया साइट्स (फेसबुक-इंस्टाग्राम) के जरिए बिधनू के मनीष यादव से हुई। छह महीने पहले मानसी एक पारिवारिक कार्यक्रम में मायके आई और वहीं से घरवालों को बिना बताए मनीष के साथ फरार हो गई। मानसी के पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद, मानसी खुद थाने पहुंची थी और कहा था कि वह अपनी मर्जी से मनीष के साथ रहना चाहती है। इसके बाद परिवार से उसका संपर्क लगभग टूट गया था।

परिजनों ने बताया कि मंगलवार देर शाम बिधनू थाने से उन्हें फोन आया कि उनकी बेटी की हालत खराब है और वह हैलट अस्पताल में भर्ती है। जब परिजन हैलट पहुँचे तो उन्हें मानसी सही-सलामत नहीं, बल्कि शव के रूप में मिली। मानसी की मौसी सुनीता देवी ने बताया कि कुछ दिन पहले मानसी ने उनकी बेटी आकांक्षा से रोते हुए कहा था कि मनीष उसे बहुत मारता-पीटता है और बाहर नहीं जाने देता। इसके बाद मनीष ने फोन छीन लिया था।

घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि पिता की तहरीर पर मनीष यादव के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसीपी ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, क्योंकि पंचनामे के दौरान शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले। हालांकि, परिवार के गंभीर आरोपों को देखते हुए शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है।

प्राइवेट पार्ट में कपड़े के टुकड़े मिलने और सल्फास की पुष्टि के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। आरोपी मनीष की तलाश में पांच टीमें गठित की गई हैं, जो कानपुर, उन्नाव, फतेहपुर, हमीरपुर और आसपास के जिलों में छापेमारी कर रही हैं। घटना के बाद से मनीष का फोन स्विच ऑफ है। ग्रामीणों के अनुसार, मनीष पहले भी कई आपराधिक मामलों में नामजद रहा है और इलाके में दबंग माना जाता है। इस घटना से दोनों गांवों में मातम पसरा हुआ है, जबकि परिजन न्याय और आरोपी की गिरफ्तारी का इंतजार कर रहे हैं।

Also Read: Lucknow News: यूपी में अगले 6 महीने के लिए एस्मा लागू, सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल पर लगा पूर्ण प्रतिबंध

Get real time updates directly on you device, subscribe now.