बलरामपुर: आयुष्मान कार्ड बनवाने के बहाने जालसाजों ने बुजुर्ग से हड़प ली 25 लाख की जमीन, तीन गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: बलरामपुर जिले की गैंड़ास बुजुर्ग पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो भोले-भाले ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर उनकी जमीन हड़प लेता था। पुलिस ने बुधवार को तीन ऐसे शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक बीमार और अकेले व्यक्ति को ‘आयुष्मान कार्ड’ बनवाने का झांसा देकर उसकी लाखों की जमीन अपने नाम करवा ली थी।
घटना का खुलासा तब हुआ जब ग्राम नन्दौरी निवासी पीड़ित शत्रोहन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित के अनुसार, गांव के ही सियाराम और मुन्नूलाल ने उसे विश्वास में लिया और कहा कि उसका आयुष्मान कार्ड बनवाना है। इसी बहाने वे उसे 6 मई 2024 को उतरौला तहसील ले गए। वहां शब्बीर अहमद और अन्य सहयोगियों की मदद से धोखे से पीड़ित की करीब 0.3680 हेक्टेयर भूमि का बैनामा करा लिया गया।
ऐसे खुला मामला
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अभियोग पंजीकृत कर टीम गठित की गई। जांच में सामने आया कि जिस जमीन का बाजार मूल्य करीब 25 लाख रुपये और सरकारी सर्किल रेट 7.40 लाख रुपये है, उसका सौदा कागज पर मात्र 2 लाख रुपये में दिखाया गया। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने पीड़ित के खाते में मात्र 25 हजार रुपये भेजे।
उन्होंने बताया कि पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों—सियाराम, मुन्नूलाल और शब्बीर अहमद—ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि शत्रोहन का कोई परिवार नहीं है और वह अक्सर बीमार रहता है। इसी का फायदा उठाकर उन्होंने जमीन हड़पने की साजिश रची और रजिस्ट्री ऑफिस के दलालों को 80 हजार रुपये खिलाकर फर्जीवाड़ा किया।
थानाध्यक्ष राजीव कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर हासिमपारा के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब रजिस्ट्री ऑफिस के उन अज्ञात कर्मचारियों की भी तलाश कर रही है जो इस खेल में शामिल थे।
रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी

