दिल्ली में प्रदूषण का ‘रेड अलर्ट’: आज से नई पाबंदियां लागू; जानें पेट्रोल, ऑफिस और एंट्री के नए नियम
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने के बाद सरकार ने GRAP-IV के तहत सख्त कदम उठाए हैं। आज से दिल्ली के जनजीवन और यातायात पर कई नए नियम प्रभावी हो गए हैं।
बिना PUC पेट्रोल-डीजल पर रोक
अब दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर ईंधन लेने के लिए PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया गया है। बिना वैध सर्टिफिकेट के वाहनों को तेल नहीं दिया जाएगा। दो-तीन पहिया वाहनों के लिए ₹60, चार पहिया (पेट्रोल) के लिए ₹80 और डीजल वाहनों के लिए ₹100 तय की गई है। BS-IV और BS-VI वाहनों के लिए यह सर्टिफिकेट 12 महीने तक मान्य रहता है।

50% वर्क फ्रॉम होम (WFH) अनिवार्य
प्रदूषण कम करने और सड़कों पर वाहनों की संख्या घटाने के लिए सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में 50% स्टाफ के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया गया है। हालांकि अस्पताल, फायर ब्रिगेड, ट्रांसपोर्ट और सैनिटेशन जैसी आवश्यक सेवाओं (Emergency Services) को इस नियम से बाहर रखा गया है।
मजदूरों को ₹10,000 की सहायता राशि
निर्माण कार्यों (Construction) पर लगी रोक से प्रभावित पंजीकृत मजदूरों को सरकार ₹10,000 की मुआवजा राशि देगी। यह सहायता तब तक जारी रहेगी जब तक GRAP-IV की पाबंदियां लागू रहेंगी।
वाहनों की एंट्री और ट्रैफिक नियम
दिल्ली के बाहर पंजीकृत केवल BS-VI मानक वाले वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। BS-III और BS-IV डीजल वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध है। निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। सरकार निजी वाहनों का दबाव कम करने के लिए जल्द ही अपना आधिकारिक कारपूलिंग ऐप लॉन्च करने की योजना बना रही है।
Also Read: उन्नाव: रेलवे ट्रैक पर सीमेंट स्लीपर आने से थमी ‘तेजस’, जांच में सामने आई यह वजह

