‘जाति की आड़ में सच्चाई न छिपाएं अखिलेश’, इस मामले में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का हमला
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कोडीन युक्त कफ सिरप मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया है। निषाद ने कहा कि सपा प्रमुख इस गंभीर मुद्दे पर जाति की राजनीति करने के बजाय सिंडीकेट के साथ अपनी तस्वीरों पर स्पष्टीकरण दें। उन्होंने साफ किया कि योगी सरकार प्रदेश को नशे की मंडी बनाने वालों को बख्शेगी नहीं।
“तस्वीरों पर चुप्पी समझ से परे”
मंत्री संजय निषाद ने अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि कोडीन कफ सिरप सिंडीकेट के संदिग्धों के साथ उनकी तस्वीरों का सामने आना कोई सामान्य बात नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि सपा प्रमुख इस मामले में जांच में सहयोग करने के बजाय जातिगत कार्ड क्यों खेल रहे हैं? तमिलनाडु में कोडीन कफ सिरप से हुई बच्चों की मौतों पर सपा की चुप्पी क्यों है? क्या माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है?
नशा मुक्त उत्तर प्रदेश के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का उल्लेख करते हुए निषाद ने कहा कि सरकार संगठित ड्रग माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि माफिया कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
कार्रवाई के बड़े आंकड़े
मंत्री ने कोडीन सिंडीकेट के खिलाफ हुई अब तक की कार्रवाई का विवरण भी साझा किया।
गिरफ्तारी: अब तक 75 अभियुक्त सलाखों के पीछे।
बरामदगी: प्रतिबंधित कफ सिरप की 12,65,455 से अधिक बोतलें जब्त।
फर्मों पर एक्शन: 132 फर्मों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई और 15 मुख्य षड्यंत्रकारियों पर शिकंजा।
लुकआउट नोटिस: 12 प्रमुख अभियुक्तों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी, अन्य की प्रक्रिया जारी।
दायरा: प्रदेश के 33 जनपदों में मुकदमे दर्ज कर गहन जांच जारी।
कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि “यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का है। योगी सरकार में कानून कागजों पर नहीं, जमीन पर काम कर रहा है। हम नशा मुक्त उत्तर प्रदेश के वादे पर अडिग हैं।”
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