सदन में CM योगी ने अखिलेश के साथ दिखाई आरोपियों की फोटो, पूछे संबंध
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश विधानसभा में नियम-56 के तहत कोडीन युक्त कफ सिरप के मुद्दे पर चर्चा के दौरान CM योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सदन में विस्तृत जवाब देते हुए CM योगी ने स्पष्ट किया कि कोडीन युक्त कफ सिरप का उत्पादन उत्तर प्रदेश में नहीं होता है और राज्य में सामने आए सभी मामले अन्य राज्यों से अवैध रूप से डायवर्जन के हैं। उन्होंने बताया कि इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ पुलिस, एसटीएफ, एनडीपीएस और एफएसडीए विभाग की ओर से लगातार सख्त कार्रवाई जारी है।
अखिलेश यादव के साथ फोटो भी दिखाई
मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्यों पर बिना तथ्यों के बात रखने का आरोप लगाया। उन्होंने सीधे समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा नेता अमित यादव और यूपी में कोडीन युक्त कफ सीरप के सबसे बड़े स्टॉकिस्ट शुभम जायसवाल के बीच संबंध सामने आए हैं। सीएम योगी ने बताया कि अमित यादव समाजवादी युवजन सभा का सदस्य है और वाराणसी से सपा उम्मीदवार रह चुका है।
सीएम योगी ने आगे कहा कि शुभम जायसवाल और उसकी पत्नी के खातों से अमित यादव के खाते में लेनदेन के प्रमाण सामने आए हैं। उन्होंने सदन के समक्ष यह प्रश्न रखा कि क्या विपक्ष इस बात को नहीं मानेगा कि अमित यादव उनका नेता है। इसके अलावा उन्होंने मनोज यादव, राजीव यादव और मुकेश यादव के नाम पर फर्जी फॉर्म और लाइसेंस बनाने का भी आरोप लगाया।

अखिलेश के साथ आरोपी की फोटो
सबसे महत्वपूर्ण आरोप करते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आरोपी शुभम जायसवाल का सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ एक फोटो भी है और उन्होंने सदन में यह फोटो भी दिखाई। सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने ऐसे आरोपियों को बर्खास्त किया है और मामले को प्रकाश में लाया है, लेकिन अखिलेश यादव को वह आरोपी कुछ गिफ्ट दे रहा है।
उन्होंने कहा कि यह फोटो पहले भी जारी हुई थी और विपक्ष ने भी इसे देखा होगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यूपी में कोडीन युक्त कफ सिरप से किसी भी प्रकार की मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है और जिन राज्यों में मौत के मामले आए हैं, वे उत्तर प्रदेश के बाहर के हैं, जहां सिरप में घातक अशुद्धियां पाई गई थीं।

136 फर्मों के खिलाफ FIR
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि यूपी सरकार ने इस मामले में अब तक 332 थोक दवा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की है, जिनमें से 136 फर्मों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अब तक 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
CM योगी ने स्पष्ट किया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत इस अपराध में 10 से 20 साल तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि कानपुर से एफएसडीए की ओर से कार्रवाई शुरू की गई थी और पूरे प्रदेश में अब तक 1000 से अधिक कफ सिरप के नमूने जांच के लिए लिए जा चुके हैं। अवैध भंडारण, गैरकानूनी परिवहन और रिकॉर्ड मेंटेन न करने जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई की गई है।
दोषी बख्शा नहीं जाएगा- योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की कार्रवाई जारी रहेगी और जो भी दोषी होगा, चाहे उसका राजनीतिक या सामाजिक रसूख कुछ भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने कोडीन युक्त कफ सिरप के इलीगल डायवर्जन के मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत इतनी सख्त कार्रवाई की है।
सीएम योगी ने कहा कि माफिया के खिलाफ कार्रवाई कैसे होती है, यह उत्तर प्रदेश सरकार ने बार-बार करके दिखाया है और आगे भी दिखाती रहेगी। समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष इस बात को भली-भांति जानता है और सरकार कठोर कार्रवाई करेगी। उन्होंने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि विपक्ष को फातिहा पढ़ने जाने का भी मौका नहीं मिलेगा।
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