UP News: जेल में भी ‘फर्जी IAS’ का भौकाल, बंदियों से बोला- बाहर जाते ही सबकी बेल करा दूंगा

Sandesh Wahak Digital Desk: सरकारी विभागों में ठेका दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाला फर्जी आईएएस अधिकारी ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार सिंह जेल की सलाखों के पीछे पहुंचने के बाद भी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा है। गोरखपुर जेल के ‘मिलेनियम बैरक’ में बंद यह जालसाज अब कैदियों के बीच अपनी झूठी धौंस जमाने और उन्हें रिहाई का झांसा देने में जुटा है।

डायरी में नोट कर रहा बंदियों का केस नंबर

जेल सूत्रों के अनुसार, ललित किशोर ने बैरक के भीतर भी अपना एक अलग ‘दरबार’ लगा लिया है। वह बंदियों से कहता है कि उसे केवल ‘शक’ के आधार पर पकड़ा गया है और वह जल्द ही बाहर निकल जाएगा। वह दावा कर रहा है कि बाहर जाते ही वह अपनी ‘पहुंच’ का इस्तेमाल कर सभी बंदियों की जमानत (Bail) करा देगा।

इतना ही नहीं उसने अपनी बातों में फंसाकर कई बंदियों को अपना ‘चेला’ बना लिया है जो उसके छोटे-मोटे काम करते हैं। हालांकि, पुराने और समझदार बंदी उसकी असलियत जानकर उसे “420” कहकर बुलाते हैं। जेलर अरुण कुमार ने बताया कि ललित फिलहाल क्वारंटीन (मिलेनियम) बैरक में है और उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

कैसे खुला था ठगी का बड़ा खेल?

ललित किशोर की गिरफ्तारी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। 7 नवंबर 2025 को बिहार के एक ठेकेदार माधव मुकुंद से जीआरपी ने 99.9 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। पूछताछ में ठेकेदार ने बताया कि यह रकम वह फर्जी आईएएस ललित किशोर को ‘रेलवे ठेका’ दिलाने की एवज में देने आया था, लेकिन संदेह होने पर वापस लौट रहा था। गुलरिहा पुलिस ने 10 दिसंबर को ललित को उसके दो साथियों के साथ दबोचा।

ठगी का लंबा जाल

ललित किशोर केवल ठेका ही नहीं, बल्कि गोरखपुर में अच्छी जमीन दिलाने के नाम पर भी कई लोगों से लाखों रुपये डकार चुका है। अब तक गुलरिहा थाने में उसके खिलाफ 5 नए शिकायतकर्ता सामने आ चुके हैं।

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