बी-टेक के बाद नहीं की नौकरी, योगी सरकार की मदद से उद्यमी बनीं रमा रानी वर्मा

Sandesh Wahak Digital Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन को धरातल पर उतारते हुए संत कबीर नगर की रमा रानी वर्मा ने स्वरोजगार की एक नई मिसाल पेश की है। पेशे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियर (B.Tech) रमा रानी ने पारंपरिक कॉर्पोरेट नौकरी के बजाय खुद का व्यवसाय चुनकर समाज के सामने सशक्तिकरण का उदाहरण रखा है।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का संबल

खलीलाबाद के मुखलिसपुर रोड की रहने वाली रमा रानी वर्मा को उनके स्टार्टअप ‘नैना कॉस्मेटिक्स एंड आर्टिफिशियल ज्वेलरी मेकिंग’ के लिए योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत 3.5 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ।

इस योजना के अंतर्गत रमा रानी को बिना किसी गारंटी और ब्याज के वित्तीय मदद मिली, जिससे उनके आत्मविश्वास को बल मिला। रमा रानी का कहना है कि सरकार की पारदर्शी नीतियों के कारण उन्हें बिना किसी भटकाव के समय पर सहायता मिली।

लोकल से ग्लोबल: घर से शुरू किया उद्यम

बी-टेक की पढ़ाई के बाद रमा रानी ने स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आर्टिफिशियल ज्वेलरी के निर्माण और बिक्री का कार्य शुरू किया। उन्होंने अपने इस उद्यम को परिवार के साथ मिलकर एक व्यवस्थित स्वरूप दिया है। इस पहल से न केवल उनकी व्यक्तिगत आय बढ़ी है, बल्कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ हुई है।

उत्तर प्रदेश में स्वरोजगार का बढ़ता ग्राफ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि उत्तर प्रदेश का युवा ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बने। इसी उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के जरिए प्रदेश के शिक्षित और कुशल युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब प्रदेश का युवा सशक्त होगा, तभी उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सकेगा।

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