Varanasi News: नव रसों से सजा ‘नवरंग’, सिल्वर ग्रोव स्कूल सेवापुरी में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ वार्षिक उत्सव
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ भव्य शुभारंभ
Sandesh Wahak Digital Desk: वाराणसी के सेवापुरी स्थित सिल्वर ग्रोव स्कूल में रविवार को वार्षिक उत्सव ‘नवरंग’ भव्यता और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती अदिति पटेल (विधायक प्रतिनिधि, सेवापुरी), ब्लॉक संरक्षक एवं विशिष्ट अतिथि सुजीत सिंह (डॉ. जी) पुत्र ठाकुर आदित्य प्रताप सिंह (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व क्षेत्रीय संयोजक पंचायत प्रकोष्ठ भाजपा काशी), रूपसेठी, खंड शिक्षा अधिकारी संजय यादव तथा राजेश सिंह के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
अतिथियों ने दिया ज्ञान, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य का संदेश
इस अवसर पर विद्यालय की चेयरपर्सन श्रीमती आर. श्रीवास्तव, प्रबंध निदेशक मोहित श्रीवास्तव, निदेशिका एवं प्रधानाचार्या रचना श्रीवास्तव, महेशपुर शाखा की प्रिंसिपल श्रीमती वंदना चतुर्वेदी, सिल्वर ग्रोव विनेन डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमरेश कुमार पाण्डेय सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इसके पश्चात निदेशक मोहित श्रीवास्तव एवं निदेशिका रचना श्रीवास्तव ने मुख्य व विशिष्ट अतिथियों का स्वागत स्मृति-चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।
नव रसों पर आधारित रहा ‘नवरंग’ उत्सव
इस वर्ष का वार्षिक उत्सव नव रसों की अवधारणा पर आधारित रहा। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना एवं स्वागत गीत से हुई। नर्सरी कक्षा के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने ‘नटखट बचपन’ प्रस्तुति के माध्यम से विभिन्न ऋतुओं का मनोहारी चित्रण किया।
यूकेजी से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों ने पंचतत्व पर आधारित नृत्य के जरिए मानव शरीर की उत्पत्ति को दर्शाया। नव रसों की श्रृंखला में विद्यार्थियों ने मानवीय भावनाओं की सजीव अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। वात्सल्य रस में मातृत्व प्रेम की महत्ता दिखाई गई, जबकि डाकू रत्नाकर से महर्षि वाल्मीकि बनने की कथा के माध्यम से शांत रस का प्रभावशाली संदेश दिया गया।
राधा-कृष्ण, शिवाजी और काली की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
श्रृंगार रस में राधा-कृष्ण के पावन प्रेम की झांकी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही। भयानक रस में भूत-प्रेतों की प्रस्तुति ने रोमांच भर दिया।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में पद्मावती का जौहर (करुण रस), काली का रक्तबीज संहार (रौद्र रस) तथा छत्रपति शिवाजी महाराज पर आधारित नृत्य-नाटिका (वीर रस) शामिल रही, जिसने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
हास्य रस पर आधारित लिलिपुट डांस ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
500 विद्यार्थियों की सहभागिता, शिक्षक-कर्मचारी सम्मानित
विद्यालय की प्रधानाचार्या एवं निदेशिका रचना श्रीवास्तव ने बताया कि इस भव्य आयोजन में लगभग 500 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
शिक्षण क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु पियूष मिश्रा, रवि प्रजापति, दिव्या शर्मा, ब्यूटी सिंह एवं रामकृष्ण त्रिपाठी को सम्मान मिला, जबकि कार्यालय प्रशासन में उत्कृष्ट सेवा के लिए बृजेश कुमार सिंह, सहायक स्टाफ श्रीमती मित्तल देवी एवं साधु यादव को सम्मानित किया गया।
मेधावी छात्रों को मिला सम्मान
उप-प्रधानाचार्य तारकेश्वर जेसवानी ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए सत्र 2025 की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी दी। सत्र 2024-25 में कक्षा 10 की इसिका गुप्ता (93.6 प्रतिशत) सहित सत्यम पाल, आशीष यादव और शिवांशु मिश्रा तथा कक्षा 12 में रियान्शी श्रीवास्तव, श्रेयांश गिरी और मुस्कान गुप्ता को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
काशी सांसद काव्य प्रतियोगिता में योगेन्द्र शर्मा (प्रथम) और हर्ष सिंह (द्वितीय) को सम्मान मिला। हिंदी ओलंपियाड में अनादी मिश्रा, लखी विश्वकर्मा, अदिति सिंह एवं ज्योति शर्मा ने स्वर्ण पदक जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया। छात्र मास्टर विवेक दुबे को उनके अभिनव प्रदर्शन के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
सांस्कृतिक गतिविधियां सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक : मोहित श्रीवास्तव
कार्यक्रम का संचालन पायल, अंशिका, हर्ष एवं वाचस्पति ने किया। आगंतुकों का स्वागत लक्ष्मी सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय की एकेडमिक हेड आरती पांडेय ने किया।
समापन अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक मोहित श्रीवास्तव ने कहा कि “विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों में भागीदारी आवश्यक है, जिससे बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को पहचानने और निखारने का अवसर मिलता है।”

