संभल में कब्रिस्तान की जमीन पर पैमाइश शुरू, 2005 से जमे अवैध मकानों और दुकानों पर चल सकता है बुलडोजर

Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल में प्रशासन इस समय सुपर एक्टिव मोड पर है। विवादित जामा मस्जिद के पास स्थित करीब 8 बीघा (लगभग 10,000 स्क्वायर मीटर) कब्रिस्तान की जमीन की पैमाइश का काम सोमवार से शुरू कर दिया गया है। आरोप है कि इस सरकारी और कब्रिस्तान की जमीन पर दशकों से अवैध रूप से मकान और दुकानें बनाई गई हैं।

29 अफसरों की टीम और अभेद्य सुरक्षा

जिलाधिकारी (DM) के निर्देश पर इस बड़ी कार्रवाई के लिए 29 अधिकारियों और कर्मचारियों की एक विशेष टीम बनाई गई है। तहसीलदार की अगुवाई में 4 कानूनगो और 22 लेखपाल चप्पे-चप्पे की नपाई कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से 8 थानों की पुलिस फोर्स के साथ PAC और RAF (RRF) की टुकड़ियां तैनात हैं। पूरे इलाके की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से की जा रही है। पुलिस की सोशल मीडिया टीमें सक्रिय हैं ताकि किसी भी अफवाह पर तुरंत लगाम लगाई जा सके।

शिकायतकर्ता का दावा बेहद गंभीर है। उनका कहना है कि इस कब्रिस्तान की जमीन पर बने अवैध मकानों और दुकानों का सीधा लिंक 2024 में हुई संभल हिंसा से है। आरोप है कि हिंसा के दौरान इन्हीं अवैध छतों और दुकानों से पुलिस टीम पर पथराव और फायरिंग की गई थी।

संभल के तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि यह जमीन जामा मस्जिद के पास कब्रिस्तान की है, जिस पर 2005 से अवैध कब्जा किया गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, अगर पैमाइश के दौरान अवैध कब्जा पाया जाता है, तो कानून के तहत उन निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। संभल के एसपी ने बताया कि स्थानीय निवासियों को इस कार्रवाई की पूरी जानकारी दे दी गई है और उनसे संवाद जारी है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।

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