लखनऊ: मोहनलालगंज हत्याकांड का खुलासा, 3 दोस्त ही निकले कातिल, महज कुछ घंटों में गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में हुई 21 वर्षीय युवक अलमास की हत्या की गुत्थी को लखनऊ पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में सुलझा लिया है। दक्षिणी जोन की सर्विलांस सेल और मोहनलालगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए मृतक के ही तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया है। हत्या की वजह मृतक की बहन से छेड़छाड़ का विरोध करना सामने आया है।

घटना का क्रम: लापता होने से शव मिलने तक

आपको बता दें कि 29 दिसंबर 2025 की शाम करीब 7:30 बजे मऊ निवासी अलमास घर से खुजौली जाने की बात कहकर निकला और वापस नहीं लौटा। 30 दिसंबर को बड़ी नहर के किनारे एक खेत में अलमास का लथपथ शव बरामद हुआ। सिर और चेहरे पर भारी प्रहार के निशान थे। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने तत्काल टीमों का गठन किया। करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और गहन पूछताछ के बाद पुलिस कातिलों तक पहुंच गई।

हत्या की वजह

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। वारदात के पीछे की कहानी कुछ इस तरह है। मुख्य आरोपी रमजान मृतक अलमास की रिश्ते की बहन को परेशान करता था। अलमास ने इसका कड़ा विरोध किया था और रमजान के साथ उसकी मारपीट भी हुई थी। बदला लेने के लिए रमजान ने अपने साथियों के साथ मिलकर अलमास को फोन कर बुलाया। वे दो मोटरसाइकिलों से उसे सुनसान नहर की पटरी पर ले गए। वहां अरमान कुरैशी ने यूकेलिप्टस के मजबूत डंडे से अलमास के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

रमजान (18 वर्ष): निवासी मऊ, थाना मोहनलालगंज (पेशा- कसाई)।

अरमान (19 वर्ष): निवासी मऊ, थाना मोहनलालगंज (पेशा- कसाई)।

सूरज (22 वर्ष): निवासी मऊ, थाना मोहनलालगंज (पेशा- फोटोग्राफर)।

पुलिस द्वारा की गई बरामदगी

आलाकत्ल: हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का भारी डंडा।

मृतक का मोबाइल: वीवो (Vivo) कंपनी का फोन।

मोटरसाइकिल: घटना में प्रयुक्त हीरो आई स्मार्ट (UP32 FR 8860)।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।

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