AMU शिक्षक हत्याकांड का खुलासा: 6 साल पुरानी रंजिश और ‘मुखबिरी’ के शक में हुई थी दानिश अली की हत्या

Sandesh Wahak Digital Desk: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) परिसर में कंप्यूटर शिक्षक रॉव दानिश अली की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने इस मामले में एक मुख्य आरोपी सलमान को गिरफ्तार किया है, जबकि दो शूटर अभी भी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि यह हत्या किसी तात्कालिक विवाद में नहीं, बल्कि साल 2018 से चली आ रही रंजिश और बदले की भावना का परिणाम थी।

मर्डर मिस्ट्री: ‘मुखबिरी’ के शक ने ली जान

पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपी सलमान ने हत्या की जो वजह बताई वह चौंकाने वाली है। गिरफ्तार शख्स ने बताया कि वर्ष 2018 में साबेज नामक युवक की हत्या हुई थी, जिसमें सलमान के साथी जेल गए थे। सलमान और उसके साथियों को यकीन था कि शिक्षक रॉव दानिश अली ने ही पुलिस के लिए ‘मुखबिरी’ की थी, जिसके कारण उनके साथी पकड़े गए। इसी का बदला लेने के लिए सलमान, फहाद और यासिर ने मिलकर दानिश की हत्या की प्लानिंग की।

वारदात का घटनाक्रम: 24 दिसंबर की वो खौफनाक शाम

आरोपी सलमान ने दिल्ली से शूटर फहाद और यासिर को अलीगढ़ बुलाया और उन्हें अपने फ्लैट पर ठहराया। फिर 24 दिसंबर की रात करीब 8:45 बजे, जब दानिश अली लाइब्रेरी कैंटीन परिसर में टहल रहे थे, स्कूटी सवार नकाबपोश शूटरों ने उनकी कनपटी पर सटाकर गोली मार दी। वारदात के बाद शूटर स्कूटी से गभाना टोल पहुंचे, स्कूटी खाई में फेंकी और सलमान की कार में बैठकर दिल्ली (ओखला) फरार हो गए।

कौन थे रॉव दानिश अली?

45 वर्षीय रॉव दानिश अली एएमयू के एबीके बॉयज स्कूल में कंप्यूटर शिक्षक थे। वे मूल रूप से बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र के रहने वाले थे और मुरादाबाद की कांठ विधानसभा से पूर्व विधायक फिजा उल्लाह चौधरी के दामाद थे। उनके माता-पिता भी एएमयू में कर्मचारी और शिक्षक रहे थे। फिलहाल पुलिस ने सलमान को जेल भेज दिया है और फरार शूटरों (फहाद व यासिर) की तलाश में दिल्ली और अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इस मामले में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले जुबैर की भूमिका की भी सघन जांच की जा रही है।

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