कफ सिरप मामले में बयानबाजी पड़ी महंगी, ड्रग इंस्पेक्टर निलंबित, विवादों से रहा है पुराना नाता
अमेठी: उत्तर प्रदेश शासन ने कोडीन युक्त कफ सिरप प्रकरण में मीडिया के समक्ष अनधिकृत बयानबाजी करने और अनुशासनहीनता बरतने के आरोप में ड्रग इंस्पेक्टर कमलेश मिश्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) द्वारा जारी निलंबन आदेश सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
क्यों गिरी गाज?
हाल ही में तिलोई क्षेत्र में एक होलसेल मेडिकल स्टोर से भारी मात्रा में नशीली कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद की गई थी। इस संवेदनशील मामले की जांच अभी प्रक्रिया में थी, तभी ड्रग इंस्पेक्टर कमलेश मिश्र ने उच्चाधिकारियों की स्पष्ट मनाही के बावजूद मीडिया में विस्तृत बयान दे दिया।
शासन के अनुसार, ऐसे संवेदनशील प्रकरणों में जांच पूरी होने से पहले सार्वजनिक बयान देना न केवल विभागीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे जांच प्रभावित होने का खतरा भी रहता है। इसे ‘गंभीर लापरवाही’ मानते हुए शासन ने निलंबन की कार्रवाई की है।
विवादों से रहा है पुराना नाता
निलंबित ड्रग इंस्पेक्टर का कार्यकाल पहले भी विवादों में घिरा रहा है। कुछ महीने पहले मुंशीगंज में चेकिंग के दौरान उन्होंने थाना प्रभारी से सड़क पर अभद्रता की थी। उस समय उनकी सरकारी गाड़ी से शराब की बोतलें मिलने की बात भी सामने आई थी, जिससे विभाग की काफी किरकिरी हुई थी। लगातार विवादों और निर्देशों की अवहेलना के कारण वे पहले से ही रडार पर थे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिलाधिकारी संजय चौहान ने निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि शासन के निर्देशों के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई है। जिले में ड्रग विभाग के कार्यों और दवा निरीक्षण व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक अधिकारी की तैनाती के आदेश दे दिए गए हैं।
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