चार घंटे थाने में रहीं फिर भी दर्ज नहीं हुआ बयान, नेहा राठौर बोलीं- अपनी बातों पर अभी भी हूं कायम
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर इशारों में तंज कसने के मामले में लोकगायिका नेहा सिंह राठौर अब भी अपने बयान पर अडिग हैं। इस मामले में उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस की ओर से जारी नोटिस के बाद शनिवार की शाम नेहा सिंह राठौर बयान दर्ज कराने थाने पहुंचीं, लेकिन करीब चार घंटे तक थाने में मौजूद रहने के बावजूद उनका बयान दर्ज नहीं हो सका और उन्हें वापस लौटना पड़ा।
बयान दर्ज न होने की बताईं दो वजहें
वहीं थाने से बाहर निकलते समय नेहा सिंह राठौर ने बयान दर्ज न हो पाने की दो वजहें बताईं। उन्होंने कहा कि प्रभारी निरीक्षक किसी मीटिंग में व्यस्त थे और दूसरी वजह यह रही कि सूर्यास्त के बाद किसी महिला का बयान दर्ज नहीं होता है। नेहा ने यह भी कहा कि जिस बात को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उस पर वह अब भी कायम हैं।
नेहा ने बताया कि यह पूरा मामला पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ा हुआ है, जिसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री पर इशारों में तंज कसा था। उन्होंने कहा कि इसी सिलसिले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। नेहा के मुताबिक, लगभग आठ से नौ महीने पहले दर्ज इस मामले में हजरतगंज थाने की ओर से उन्हें अब तक दो नोटिस भेजे जा चुके हैं, जिनमें जांच में सहयोग करने के लिए थाने आने को कहा गया था।

“अपनी बात पर कायम”
देर रात थाने पहुंचने को लेकर नेहा सिंह राठौर ने कहा कि वह तीन से चार घंटे से थाने में बैठी थीं और वह इतनी रात को थाने नहीं आई थीं, बल्कि इंतजार करते-करते समय बीत गया। उन्होंने बताया कि प्रभारी निरीक्षक मीटिंग में व्यस्त होने के कारण उन्हें इतना इंतजार करना पड़ा और अब जाकर उनकी बातचीत हो सकी।
यहां नेहा सिंह राठौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह आज भी अपनी बात पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि वह समझती हैं कि प्रधानमंत्री की आलोचना होनी चाहिए और जिस बयान को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है, उस पर वह पूरी तरह कायम हैं।
ट्वीट्स को लेकर दर्ज हुई FIR
नेहा के साथ उनके पति हिमांशु भी थाने पहुंचे थे। हिमांशु ने बताया कि उन्हें 15 दिन पहले पहला नोटिस मिला था, लेकिन उस समय नेहा का स्वास्थ्य ठीक नहीं था, जिसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई थी। इसके बाद दूसरा नोटिस मिला, जिसमें तीन दिन के अंदर थाने आने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि जैसे ही दूसरा नोटिस मिला और नेहा की तबीयत ठीक हुई, वे तुरंत थाने पहुंच गए।
एफआईआर को लेकर हिमांशु ने कहा कि नेहा ने कुछ ट्वीट किए थे, जिनमें प्रधानमंत्री से कुछ सवाल पूछे गए थे। इसके बाद कुछ लोगों को नाराजगी हुई और उन्हीं की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करा दी गई। हिमांशु ने यह भी कहा कि देश में एफआईआर दर्ज कराना कितना आसान है, यह इस पूरे मामले से साफ दिखाई देता है।
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