लखनऊ ट्रैफिक जाम पर बड़ा एक्शन: ADCP और ACP ट्रैफिक हटाए गए, नए साल पर मची अव्यवस्था पर गिरी गाज
Sandesh Wahak Digital Desk : नए साल के पहले दिन राजधानी में लगे भीषण जाम और प्रशासनिक विफलता को लेकर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। लाखों लोगों के घंटों फंसे रहने और शहर की रफ्तार थमने के मामले में रविवार को ट्रैफिक विभाग के शीर्ष अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की गई।
प्रमुख फेरबदल और तबादले
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में नाकाम रहे अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है:
- अशोक कुमार सिंह (ADCP ट्रैफिक): इन्हें पद से हटाकर हाई कोर्ट सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। इनकी जगह राघवेंद्र सिंह को नया ADCP ट्रैफिक नियुक्त किया गया है।
- सुरेंद्र कुमार शर्मा (ACP ट्रैफिक): इन्हें अलीगंज क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया है। इनके स्थान पर शशि प्रकाश मिश्र लखनऊ के नए ACP ट्रैफिक होंगे।
कार्रवाई का सिलसिला
यह सख्त कदम मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद उठाया गया है। इससे पहले शनिवार को ही कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन चौकी प्रभारियों (सतखंडा, हुसैनाबाद और रूमी गेट) को लाइन हाजिर किया जा चुका है। साथ ही चौक क्षेत्र के ट्रैफिक इंस्पेक्टर (TI) के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी गई है।
जाम के मुख्य कारण: क्यों थमी लखनऊ की रफ्तार?
समीक्षा में सामने आया कि नए साल पर करीब 5 लाख लोग सड़कों पर थे, लेकिन पुलिस प्रबंधन पूरी तरह विफल रहा। जाम के पीछे ये प्रमुख कारण रहे:
- अत्यधिक बैरिकेडिंग: शहर में जगह-जगह लगाए गए पुलिस बैरियर ट्रैफिक सुचारू करने के बजाय बाधा बन गए।
- रणनीति का अभाव: मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पुलिस प्रशासन कोई प्रभावी ‘ट्रैफिक प्लान’ तैयार करने में विफल रहा।
- इंजीनियरिंग की कमियां: शहर के 75 ब्लैक स्पॉट और सड़कों की बनावट में तकनीकी खामियां भी इस महाजाम और आए दिन होने वाले हादसों का बड़ा कारण बनी हुई हैं।

