Lucknow News: KGMU में उपद्रव पर CM योगी सख्त, अपर्णा यादव और बबिता चौहान तलब

Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में शुक्रवार को हुए तीन घंटे के हिंसक बवाल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और अध्यक्ष बबिता चौहान को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं, केजीएमयू प्रशासन ने उपद्रवियों के खिलाफ चौक कोतवाली में तहरीर दी है।

केजीएमयू में क्या हुआ?

आपको बता दें कि धर्मान्तरण के प्रयास और आंतरिक विवाद के मामलों को लेकर शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे केजीएमयू परिसर छावनी में तब्दील हो गया। सायरन बजाती अपर्णा यादव की गाड़ी के पहुंचते ही करीब 200 की भीड़ ने कुलपति कार्यालय पर धावा बोल दिया। सुरक्षा घेरा तोड़कर उपद्रवी अंदर घुस गए और तोड़फोड़ की। भीड़ ने प्रति कुलपति डॉ. अपजीत कौर और विशाखा कमेटी की चेयरमैन डॉ. मोनिका कोहली को घंटों बंधक बनाए रखा। बवाल बढ़ता देख कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद को पीछे के गेट से सुरक्षित बाहर निकलना पड़ा। उस वक्त वह फैकल्टी प्रोन्नति के लिए विशेषज्ञों के साथ इंटरव्यू ले रही थीं। कार्यालय भवन में चल रही मेडिकल छात्रों की कक्षाओं को बीच में ही रोकना पड़ा और छात्रों को डरी-सहमी स्थिति में पिछले दरवाजे से निकाला गया।

मुख्यमंत्री की कड़ी नाराजगी

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि आयोग की प्रेस वार्ता अचानक केजीएमयू परिसर में क्यों शिफ्ट की गई, जिससे अराजकता की स्थिति बनी। सीएम ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संस्थान में अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केजीएमयू प्रशासन ने तोड़फोड़, सरकारी कार्य में बाधा और बंधक बनाने के मामले में उपद्रवियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

विवाद की जड़

राज्य महिला आयोग में केजीएमयू के दो मामले चल रहे हैं। पहला एक रेजिडेंट डॉक्टर के यौन शोषण और धर्मान्तरण के प्रयास का मामला और दूसरा प्रशासनिक विवाद। इन्हीं मुद्दों पर सुनवाई के लिए आयोग की टीम केजीएमयू पहुंची थी, जिसके साथ भारी भीड़ भी परिसर में दाखिल हो गई थी।

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