सिद्धार्थनगर: डीएम का औचक निरीक्षण, अस्पताल में बंद मिला वैक्सीन फ्रिज और गायब मिले डॉक्टर
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी (DM) शिवशरणप्पा जी.एन. और पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. अभिषेक महाजन शनिवार को पूरे एक्शन में नजर आए। ‘थाना दिवस’ पर जनता की समस्याएं सुनने के बाद अधिकारियों ने जमीन पर उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अस्पताल में बदहाली देख बिफरे डीएम
जनसुनवाई के बाद जिलाधिकारी अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), उसका बाजार जा पहुंचे। वहां जो नजारा था, उसे देखकर डीएम ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा अधीक्षक (MOIC) ड्यूटी से गायब मिले। डीएम ने इसे घोर लापरवाही मानते हुए तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने का आदेश दिया।
स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी लापरवाही तब सामने आई जब टीकों को सुरक्षित रखने वाला ‘वैक्सीन फ्रिज’ बंद पाया गया। इस पर डीएम ने सख्त फटकार लगाई। जन औषधि केंद्र पर दवा वितरण का काम ठप जैसा था, पूरे दिन में सिर्फ दो लोगों को दवा दी गई थी। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अस्पताल 24 घंटे खुला रहना चाहिए और मरीजों को दवाओं के लिए भटकना न पड़े।

कड़ाके की ठंड में गरीबों को मिला ‘कंबल का सहारा’
अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के साथ-साथ अधिकारियों ने संवेदनशीलता भी दिखाई। उसका बाजार थाने पर आयोजित ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ के बाद डीएम और एसपी ने मिलकर इलाके के गरीब, असहाय और बुजुर्गों को कंबल बांटे। कपा देने वाली सर्दी में कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरे खिल उठे।

थाना दिवस में शिकायतों का निस्तारण
इससे पहले आयोजित थाना दिवस में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीन से जुड़े विवादों और शिकायतों को टालने के बजाय उनका तुरंत और संतोषजनक निस्तारण किया जाए।

इस दौरान तहसीलदार नौगढ़ देवेंद्र मणि त्रिपाठी और थाना प्रभारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। डीएम की इस छापेमारी से जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी दफ्तरों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
रिपोर्ट: जाकिर खान
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