लखनऊ: विकासनगर ‘ब्लाइंड मर्डर’ मिस्ट्री सुलझी, 1289 CCTV कैमरों की मदद से पकड़े गए 3 हत्यारे
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ कमिश्नरेट की विकासनगर पुलिस ने एक मजदूर की बेरहमी से हत्या करने वाले तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों ने न केवल हत्या की वारदात को अंजाम दिया, बल्कि मृतक की जेब से पैसे भी लूट लिए थे।
क्या थी पूरी वारदात?
बीती 30 दिसंबर 2025 की रात विकासनगर मोड़ के पास सड़क किनारे लाई-चना बेचने वाले 40 वर्षीय लालाराम की खून से लथपथ लाश मिली थी। लालाराम सीतापुर के रहने वाले थे और अपनी रोजी-रोटी के लिए विकासनगर में ठेला लगाते थे और रात में वहीं सो जाते थे। बदमाशों ने रात के सन्नाटे का फायदा उठाकर सोते समय ईंट से उनके सिर पर कई वार किए, जिससे उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी उनकी जेब से 7240 रुपये लूटकर फरार हो गए थे।
जांच में 1200 से ज्यादा कैमरों ने दिया साथ
शुरुआत में पुलिस के पास कोई सुराग नहीं था। थानाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने इस चुनौतीपूर्ण केस को सुलझाने के लिए कड़ी मेहनत की। पुलिस ने इलाके के करीब 1289 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जमीनी सूचनाओं और डिजिटल साक्ष्यों को जोड़ने के बाद पुलिस हत्यारों तक पहुंच सकी।
पुरानी रंजिश और लूट का इरादा
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों का लालाराम से पहले भी विवाद हुआ था। वे रंजिश मानकर बैठे थे और उन्होंने बाकायदा रैकी की थी। उन्हें पता था कि लालाराम कहां सोता है। 11 जनवरी को पुलिस ने दबिश देकर तीनों आरोपियों सोनू, धनराज और राहुल उर्फ शिवा को गिरफ्तार कर लिया। ये तीनों मड़ियांव इलाके में झोपड़पट्टियों में रहते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों की जानकारी
सोनू (28 वर्ष): मड़ियांव, लखनऊ।
धनराज (19 वर्ष): निवासी बाराबंकी (वर्तमान निवासी मड़ियांव)।
राहुल उर्फ शिवा (25 वर्ष): निवासी अयोध्या (वर्तमान निवासी मड़ियांव)।
विकासनगर पुलिस की इस सफलता की उच्चाधिकारियों ने सराहना की है। आरोपियों के खिलाफ हत्या और लूट की धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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