Sambhal News: मुर्दों के नाम पर 100 करोड़ का बीमा घोटाला करने वाले गिरोह की 12 करोड़ की संपत्ति कुर्क

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के सम्भल जिले की पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है, जिसकी कार्यप्रणाली सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं। यह गिरोह उन लोगों को निशाना बनाता था जो या तो मर चुके थे या अपनी आखिरी सांसें गिन रहे थे। गिरोह के सदस्य धोखाधड़ी से ऐसे लोगों का भारी-भरकम बीमा करवाते थे और उनकी मौत के बाद क्लेम की करोड़ों की राशि हड़प लेते थे।

कैसे चलता था मौत और धोखे का यह कारोबार?

पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में जब इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। यह गिरोह केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के 12 से अधिक राज्यों में सक्रिय था। जांच में पाया गया कि इन्होंने अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला किया है।

हैरानी की बात यह है कि इस घिनौने अपराध में गिरोह को समाज के रक्षकों और सिस्टम का भी साथ मिलता था। जांच में सामने आया कि गिरोह की मदद के लिए स्थानीय आशा कर्मी (जो बीमार और मरणासन्न लोगों की जानकारी देते थे), बीमा कंपनियों के कर्मचारी और जांच एजेंसियां बैंक कर्मचारी भी शामिल थे। सबसे भयावह खुलासा यह हुआ कि गिरोह ने केवल प्राकृतिक मौत का इंतजार नहीं किया, बल्कि कई मामलों में बीमा राशि हड़पने के लिए हत्याएं भी करवाईं।

कुर्की की जद में आए ‘मास्टरमाइंड’ और उनकी संपत्तियां

सम्भल के थाना बहजोई और रजपुरा पुलिस ने गिरोह के 25 सक्रिय सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर सोमवार को गिरोह के तीन मुख्य चेहरों की संपत्तियों को कुर्क किया गया। इन तीनों ने अपराध के जरिए अकूत संपत्ति बटोरी थी:

  1. सचिन शर्मा उर्फ मोनू (9.18 करोड़ की संपत्ति): सचिन इस गिरोह का सबसे बड़ा लाभार्थी निकला। पुलिस ने ग्रेटर नोएडा के पॉश इलाकों (सेक्टर अल्फा और गामा) में इसके तीन आलीशान मकान कुर्क किए हैं। इसके अलावा सम्भल और बदायूं में हेक्टेयरों में फैली कृषि भूमि, बबराला में माता-पिता के नाम पर बने आवासीय भवन और पत्नी के नाम पर खरीदी गई महंगी एमजी हेक्टर (MG Hector) कार को भी जब्त किया गया है।
  2. गौरव शर्मा (1.44 करोड़ की संपत्ति): गौरव ने भी अपराध की कमाई से ग्रेटर नोएडा में अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक कीमती मकान और बदायूं में कृषि भूमि खरीदी थी। पुलिस ने उसकी स्विफ्ट कार और अन्य संपत्तियों पर सरकारी मुहर लगा दी है।
  3. ओंकारेश्वर मिश्रा उर्फ करन (1.27 करोड़ की संपत्ति): वाराणसी का रहने वाला ओंकारेश्वर गिरोह का अहम हिस्सा था। वाराणसी में उसके दो मंजिला आलीशान मकान, एक स्कॉर्पियो कार और पल्सर बाइक को कुर्क किया गया है।

25 मुकदमे और 70 गिरफ्तारियां

इस गिरोह के खिलाफ सम्भल, मुरादाबाद, बदायूं और अमरोहा सहित कई जिलों में 25 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अब तक इस घोटाले में शामिल 70 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल अपराधियों में खौफ है, बल्कि उन सफेदपोशों को भी कड़ा संदेश गया है जो भ्रष्टाचार में इनका साथ दे रहे थे।

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध से अर्जित एक-एक पैसे का हिसाब लिया जाएगा। सम्भल पुलिस अब वाराणसी, गौतमबुद्धनगर और बदायूं के जिला प्रशासन के साथ मिलकर इन संपत्तियों पर भौतिक कब्जा (Receivership) लेने की प्रक्रिया पूरी कर रही है।

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