बांग्लादेश में ऑटो चालक समीर दास की नृशंस हत्या, चाकू से गोदकर खेत में फेंका शव

Sandesh Wahak Digital Desk: बांग्लादेश के फेनी जिले के डागनभुइयां इलाके से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ 27 वर्षीय हिंदू युवक समीर दास का शव एक सुनसान खेत से बरामद किया गया है। समीर पेशे से ऑटो-रिक्शा चालक था और अपने परिवार का पेट पालने वाला एकमात्र सहारा था।

बांग्लादेशी अखबार के अनुसार, समीर रविवार शाम को अपना ऑटो-रिक्शा लेकर काम पर निकला था। जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सोमवार को स्थानीय लोगों ने जगतपुर गांव के एक खेत में उसका लहूलुहान शव देखा। पुलिस के मुताबिक, समीर के शरीर पर चाकू के दर्जनों निशान मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि हमलावर उसे बहला-फुसलाकर सुनसान जगह ले गए और ऑटो लूटने के विरोध में उसकी हत्या कर दी।

बीजेपी ने यूनुस सरकार को घेरा

इस घटना के बाद भारत में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है। मालवीय ने लिखा कि यूनुस सरकार इन हमलों को मनगढ़ंत बताकर खारिज कर देती है, जिससे अपराधियों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अल्पसंख्यकों की जान की वहाँ कोई कीमत नहीं रह गई है।

ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना

अमित मालवीय ने इस बहाने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर बंगाल में हालात नहीं सुधरे, तो भविष्य में वहाँ के हिंदुओं को भी ऐसी ही चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से हरगोविंद दास और चंदन दास जैसे पुराने मामलों को न भूलने की अपील की।

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