UP STF के शिकंजे में 50 हजार का इनामी रफीक, घुमंतू गिरोह बनाकर डालता था डकैती

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश एसटीएफ की आगरा यूनिट ने प्रयागराज कमिश्नरेट के घूरपुर इलाके से वांछित अपराधी रफीक को गिरफ्तार किया है। रफीक बुलंदशहर का रहने वाला है और उस पर लूट, डकैती और चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं। वह साल 2020 में घूरपुर में हुई एक सनसनीखेज लूट के मामले में फरार चल रहा था।

कैसे चढ़ा पुलिस के हत्थे?

एसटीएफ की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि 50,000 का इनामी अपराधी रफीक प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र स्थित पुराना परेड ग्राउंड के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी की और मंगलवार सुबह करीब 11 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान रफीक ने चौंकाने वाले खुलासे किए। रफीक अपने रिश्तेदारों और भाई के साथ मिलकर एक सजातीय गिरोह चलाता है। यह गिरोह घुमंतू जातियों की तरह एक शहर से दूसरे शहर ठिकाना बदलता रहता है। ये लोग दिन के समय ग्रामीण इलाकों में घूम-घूम कर ऐसे घरों का चयन करते थे जहां लूट या डकैती डालनी हो। साल 2020 में रफीक ने अपने साथियों के साथ मिलकर जसरा (प्रयागराज) में एक घर में घुसकर मारपीट की थी और भारी लूटपाट मचाई थी।

ससुराल में काट रहा था फरारी

रफीक ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अलीगढ़ के पिलखना कस्बे में अपनी ससुराल में छिपा हुआ था। उसने प्रयागराज के अलावा कौशाम्बी, अलीगढ़ और एटा में भी कई वारदातों को अंजाम दिया है।

अपराधिक इतिहास

प्रयागराज (घूरपुर): लूट और हमले की धारा 397 के तहत मामला।

कौशाम्बी (सराय अकील): चोरी और सेंधमारी के मामले।

अलीगढ़ (गांधी नगर): चोरी और अवैध हथियारों के मामले।

एटा (कोतवाली नगर): डकैती की योजना बनाने और आर्म्स एक्ट के मामले।

एसटीएफ ने रफीक को घूरपुर पुलिस को सौंप दिया है, जहां से उसे जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

Also Read: Lucknow News: UP में रजिस्ट्री का बदला नियम, अब 20,000 रुपये से ज्यादा की फीस सिर्फ ऑनलाइन

Get real time updates directly on you device, subscribe now.