मुजफ्फरनगर में हाई वोल्टेज ड्रामा: सोनू कश्यप के परिवार से मिलने जा रहे सांसद चंद्रशेखर को पुलिस ने रोका
Sandesh Wahak Digital Desk: मेरठ के सरधना में हुई सोनू कश्यप की जघन्य हत्या के मामले में न्याय की मांग अब तेज होती जा रही है। मंगलवार को नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार से मिलने के लिए मुजफ्फरनगर के किला मोहल्ला स्थित उनके घर जा रहे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें थाना सिविल लाइन के पास भारी बैरिकेडिंग कर रोक लिया, जिसके बाद मौके पर जोरदार हंगामा और पुलिस के साथ खींचतान देखने को मिली।
एक तरफ जहां पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए सांसद चंद्रशेखर को वापस भेज दिया, वहीं दूसरी ओर राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप ने सोनू के परिवार से मुलाकात की। चंद्रशेखर को रोके जाने पर उनके समर्थकों ने नाराजगी जताई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
क्या है पूरा विवाद?
सोनू कश्यप के परिजनों का कहना है कि पुलिस असली कातिलों को बचाने की कोशिश कर रही है। परिवार के मुताबिक पुलिस ने केवल एक नाबालिग टेंपो चालक को पकड़कर मामले पर पर्दा डाल दिया है। सोनू ने मरने से पहले फोन कर बताया था कि सलावा गांव के कई लड़के उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। तहरीर में इन सबके नाम होने के बावजूद पुलिस ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। परिवार ने मांग की है कि सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, परिवार को आर्थिक मुआवजा मिले और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
महज गाने के विवाद में ले ली जान
बता दें कि 5 जनवरी को मुजफ्फरनगर के रहने वाले 28 वर्षीय रोहित उर्फ सोनू कश्यप की मेरठ के ज्वालागढ़ में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। विवाद सिर्फ इतना था कि सोनू ने टेंपो में तेज आवाज में बज रहे गानों का विरोध किया था। हमलावरों ने उसे पीट-पीटकर मार डाला और पहचान मिटाने के लिए शव को जला दिया था।
पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों और कश्यप समाज में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि जब तक सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
Also Read: Barabanki News: संपत्ति विवाद रालोद नेता को सगे भतीजे ने मारी गोली, हालत नाजुक, आरोपी गिरफ्तार

