UP News: सपा के वार पर चुनाव आयोग का पलटवार, कहा- सिर्फ बयानों के आधार पर शक करना गलत

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम चल रहा है। इस प्रक्रिया को लेकर समाजवादी पार्टी और सत्ताधारी भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मामला तब गरमाया जब सपा ने चुनाव आयोग पर बेईमानी का आरोप लगाते हुए उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि, चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर ही सपा के आरोपों की हवा निकाल दी।

विवाद की जड़: भाजपा विधायक का ‘दावा

पूरा विवाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की एक रैली के दौरान शुरू हुआ। आरोप है कि वहां एक भाजपा विधायक ने बयान दिया कि उन्होंने महज एक हफ्ते में ही 18 हजार से ज्यादा नए वोट जुड़वा लिए हैं। इस बयान को लपकते हुए समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर मोर्चा खोल दिया। सपा ने इसे ‘भाजपा विधायक की स्वीकारोक्ति’ बताते हुए आरोप लगाया कि सरकारी मशीनरी और चुनाव आयोग के काम में बड़े पैमाने पर हेराफेरी हो रही है।

चुनाव आयोग का पलटवार: “सशंकित होने की जरूरत नहीं”

सपा के आरोपों का जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने ‘एक्स’ पर ही रिप्लाई किया और आंकड़े सामने रख दिए। आयोग ने नसीहत देते हुए लिखा संबंधित विधानसभा क्षेत्र में एक हफ्ते में 18 हजार नहीं, बल्कि केवल 14,707 फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने के आवेदन) प्राप्त हुए हैं।

6 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन के बाद से अब तक उस विधानसभा में एक भी नया नाम नहीं बढ़ा है, क्योंकि अभी केवल आवेदन लिए जा रहे हैं, उनकी जांच बाकी है। आयोग ने साफ कहा कि बिना हकीकत जाने, सिर्फ किसी के बयान के आधार पर संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर संदेह करना ‘अन्यायपूर्ण’ है।

SIR को लेकर बढ़ी चौकसी

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और किसी के कहने मात्र से नाम नहीं जोड़े जाते। हर आवेदन की घर-घर जाकर जांच की जाती है। इस जवाब के बाद अब सपा के अगले कदम पर सबकी नजर है।

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