वाराणसी में ‘नमो शक्ति रथ’ का आगाज़: स्तन कैंसर के खिलाफ बड़ी जंग, मुफ्त होगी जांच

Sandesh Wahak Digital Desk: धर्म और संस्कृति की नगरी काशी अब महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गवाह बनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार के विज़न से प्रेरणा लेते हुए बुधवार को वाराणसी में ‘नमो शक्ति रथ’ का भव्य शुभारंभ किया गया। यह विशेष रथ महिलाओं में स्तन कैंसर (Breast Cancer) की शुरुआती पहचान और उनके इलाज में मददगार साबित होगा।

20 आधुनिक रथों की सौगात: शहर से गांव तक मुफ्त सेवा

राज्यसभा सांसद और आईटीवी फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. कार्तिकेय शर्मा ने मंडलायुक्त सभागार से इन रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि वाराणसी के लिए कुल 20 नमो शक्ति रथ (वैन) उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें से 11 वैन शहरी इलाकों के वार्डों में और 9 वैन ग्रामीण क्षेत्रों की ग्राम सभाओं में तैनात रहेंगी। आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता महिलाओं को पहले से जानकारी देकर जांच के लिए प्रेरित करेंगी।

बिना दर्द और बिना छुए होगी जांच (अत्याधुनिक तकनीक)

मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने इस पहल की सबसे बड़ी खासियत बताई। उन्होंने कहा कि इन वैन में ऐसी मशीनें लगी हैं जो बिना किसी दर्द या शरीर के संपर्क (Non-invasive) के कैंसर की शुरुआती स्टेज का पता लगा लेती हैं। यह तकनीक शरीर के शुरुआती वैस्कुलर बदलावों को पहचान लेती है, जिससे बीमारी बढ़ने से पहले ही उसका इलाज संभव हो सके।

“स्वस्थ महिला ही स्वस्थ भारत का आधार”

कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य व्यक्तियों ने महिलाओं से संकोच छोड़कर जांच कराने की अपील की।

डॉ. कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि “विकसित भारत तभी बनेगा जब हमारा परिवार स्वस्थ होगा, और परिवार की सेहत घर की महिला के स्वास्थ्य पर टिकी है।”

जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने कहा कि “अगर घर की महिला बीमार होती है, तो पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से टूट जाता है। इसलिए महिलाएं झिझक छोड़कर स्क्रीनिंग कराएं।”

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि “यह पूरी सुविधा निःशुल्क है। नमो शक्ति रथ निर्धारित तारीखों पर आपके मोहल्लों और गांवों में पहुंचेगा।”

एक नई शुरुआत

इस कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. राजेश प्रसाद और आईटीवी फाउंडेशन की डॉ. ऐश्वर्या पंडित सहित स्वास्थ्य विभाग के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। यह पहल न केवल कैंसर से होने वाली मौतों को कम करेगी, बल्कि महिलाओं को सम्मान के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी सुलभ कराएगी।

रिपोर्ट: मदन मुरारी पाठक

 

Also Read:अमेठी: स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सीएचसी पहुंची टीएसयू की टीम, दिए सुधार के टिप्स

Get real time updates directly on you device, subscribe now.