कुशीनगर में डीएम की ‘क्लास’, सीएम डैशबोर्ड पर खराब रैंकिंग देख बिगड़े तेवर, 4 बीडीओ को चेतावनी

Sandesh Wahak Digital Desk: कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर इन दिनों एक्शन मोड में हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक के दौरान जब उन्होंने जिले की प्रगति रिपोर्ट देखी, तो उनका पारा चढ़ गया। कम रैंकिंग और सुस्त रफ्तार से नाराज डीएम ने लापरवाह अफसरों की जमकर क्लास लगाई और स्पष्ट शब्दों में कहा कि या तो काम सुधारें, वरना कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

फैमिली आईडी पर ‘जीरो’ प्रगति: 4 बीडीओ को शो-कॉज नोटिस की चेतावनी

समीक्षा के दौरान सबसे ज्यादा नाराजगी ‘फैमिली आईडी’ योजना को लेकर दिखी। जिलाधिकारी ने पाया कि पिछले 15 दिनों से जिले के चार विकास खण्डों में प्रगति बिल्कुल शून्य रही है।

डीएम ने चारों खण्ड विकास अधिकारियों (BDO) को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि यदि अगले शुक्रवार की बैठक तक लक्ष्य पूरा नहीं हुआ, तो सीधे कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर दिया जाएगा। छात्रवृत्ति योजनाओं और फैमिली आईडी के लंबित डाटा को लेकर उन्होंने पात्र लाभार्थियों के चिन्हांकन और तुरंत डाटा अपलोड करने के निर्देश दिए।

‘पीएम सूर्य घर योजना’ में लक्ष्य से कोसों दूर विभाग

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (सोलर पैनल योजना) की समीक्षा करते हुए डीएम ने पाया कि जिले को मिले 1600 के लक्ष्य के मुकाबले काम बहुत कम हुआ है। जिलाधिकारी ने लक्ष्य को दो हिस्सों में बांटते हुए निर्देश दिया कि जनवरी में 500 और फरवरी में 500 नए लाभार्थियों को हर हाल में जोड़ा जाए। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी (DSO), डीपीआरओ और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को आपस में तालमेल बिठाकर विशेष अभियान चलाने को कहा।

सड़कों की गुणवत्ता और युवाओं के रोजगार पर जोर

डीएम ने जल जीवन मिशन, एनआरएलएम (NRLM) और आईसीडीएस (ICDS) जैसी योजनाओं को आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ बताया। सड़कों के निर्माण की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। मानकों की अनदेखी करने वालों पर गाज गिरेगी। मुख्यमंत्री युवा कल्याण योजना के तहत उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना सुनिश्चित करें।

“रैंकिंग सुधारें, वरना तय होगी जवाबदेही”

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं को धरातल पर उतारना ही अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत रिपोर्टिंग या काम में उदासीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा और सभी जनपदीय अधिकारी व बीडीओ मौजूद रहे। अब देखना यह होगा कि डीएम की इस घुड़की के बाद अगले शुक्रवार तक जिले की रैंकिंग में कितना सुधार आता है।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

 

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