लखनऊ: प्रताड़ना से तंग आकर बेटों ने ही कर दी पिता की हत्या, नहर किनारे फेंका शव
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ के मलिहाबाद के ग्राम खड़ता में बुधवार को नहर की पटरी पर मिले 50 वर्षीय अर्जुन पाल के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस अंधे कत्ल के पीछे कोई बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि मृतक के अपने ही दो बेटे निकले। पुलिस ने बड़े बेटे को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि छोटे बेटे (बाल अपचारी) को संरक्षण में लिया गया है।
नशा और मारपीट बनी हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में बेटों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उनके पिता अर्जुन पाल को शराब और गांजे की लत थी। नशे की हालत में वह आए दिन घर में गाली-गलौज और परिवार के साथ मारपीट करते थे। रोज-रोज की इस प्रताड़ना से परिवार के लोग बेहद आजिज आ चुके थे। 19 जनवरी की शाम को भी घर में काफी विवाद हुआ था, जिसके बाद बेटों ने उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बना ली।
दुर्घटना का रूप देने की थी कोशिश
योजना के मुताबिक, 20 जनवरी की रात करीब 3:30 बजे बेटों ने सोते समय अपने पिता की कनपटी पर फावड़े से जोरदार प्रहार कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। साक्ष्य छिपाने के लिए उन्होंने शव को ई-रिक्शे में लादा और गांव के पास नहर की पटरी पर फेंक दिया, ताकि लोगों को यह महज एक सड़क दुर्घटना लगे।

शव मिलने के बाद पुलिस ने जब कड़ाई से जांच शुरू की और परिवार के लोगों से पूछताछ की, तो बयानों में अंतर मिलने लगा। मृतक के बड़े भाई ने भी अपने भतीजों पर शक जताया। अंततः पुलिस ने मुख्य आरोपी रूपलाल (20 वर्ष) को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर खून से सनी टी-शर्ट और हत्या में इस्तेमाल फावड़ा बरामद कर लिया है।
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