UP: ट्रकों का चेसिस बदलने वाले ‘फर्जीवाड़ा गैंग’ के 3 सदस्य गिरफ्तार, 4 ट्रक और दस्तावेज बरामद
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने सुलतानपुर में एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ट्रकों की ‘पहचान’ बदलकर बैंकों और बीमा कंपनियों को करोड़ों का चूना लगा रहा था। यह गैंग पुराने और लोन डिफॉल्ट वाले ट्रकों का हुलिया और नंबर बदलकर उन्हें नए कागजों पर फिर से जिंदा कर देता था।
यूपी एसटीएफ ने सुलतानपुर बायपास रोड पर स्थित एक गैराज में छापेमारी कर अंतरराज्यीय स्तर पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग किश्त न चुका पाने वाले ट्रकों को सस्ते में खरीदता था और फिर उनके इंजन व चेसिस नंबरों से छेड़छाड़ कर उन्हें फर्जी कागजात के जरिए बाजार में दोबारा उतार देता था।
कैसे पकड़े गए जालसाज?
एसटीएफ की टीम को सूचना मिली थी कि सुलतानपुर के एक गैराज में चोरी-छिपे ट्रकों की नंबर प्लेट और चेसिस की पट्टियां बदली जा रही हैं। डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के निर्देशन में टीम ने शुक्रवार दोपहर करीब 2:10 बजे मुफीद के गैराज पर छापा मारा। मौके पर पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को रंगे हाथों ट्रकों के नंबरों से छेड़छाड़ करते हुए दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त
विजय शंकर मिश्रा: निवासी अंबेडकरनगर (गैंग का मुख्य सदस्य)।
बृजेश कुमार उर्फ विपिन: निवासी आजमगढ़।
जय प्रकाश विश्वकर्मा: निवासी वाराणसी (फर्जी नंबर प्लेट और पट्टियां बनाने वाला)।
धोखाधड़ी का ‘मॉडल’: एक ही ट्रक पर कई बार लोन
पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म करने का चौंकाने वाला तरीका बताया। आरोपियों ने बताया कि ये लोग उन ट्रकों को ढूंढते थे जिनकी बैंक किश्तें (EMI) रुक चुकी होती थीं। उन्हें कौड़ियों के भाव खरीदकर गैराज लाया जाता था।
जय प्रकाश विश्वकर्मा द्वारा फर्जी तरीके से तैयार की गई इंजन और डैशबोर्ड की पट्टियां पुराने नंबरों को मिटाकर लगा दी जाती थीं। आरटीओ दलालों की मदद से इन ट्रकों के फर्जी कागज तैयार कराए जाते और फिर उन्हीं गाड़ियों पर दोबारा नया लोन और इंश्योरेंस कराया जाता। कुछ समय बाद ये लोग ट्रक की चोरी की झूठी एफआईआर (156/3 के जरिए) दर्ज कराते और बीमा कंपनी से क्लेम भी हड़प लेते। फिर उसी ट्रक का नंबर बदलकर उसे दोबारा नया ट्रक बनाकर बेच देते।
क्या-क्या हुआ बरामद?
एसटीएफ ने मौके से 4 भारी ट्रक (UP, BR और OD सीरीज के), 1 छोटा हाथी वाहन, मोबाइल फोन और नगदी बरामद की है। बरामद ट्रक संख्या UP50FT0673 की जांच में पता चला कि उसका असली नंबर UP50CT1820 था, जिसे बदलकर झारखंड का नंबर दिया जा रहा था।
सुलतानपुर के कोतवाली देहात थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं और मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

