…तो काम किए बिना ही वेतन ले रहे ‘अधीक्षक साहब’!
Sandesh Wahak Digital Desk: सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और लखनऊ नगर निगम की आय में वृद्घि के उद्देश्य से युवा नगर आयुक्त गौरव कुमार लगातार मेहनत कर रहे हैं मगर, उनकी मेहनत पर कुछ अधीनस्थ पानी फेरने में जुटे हैं। हम बात कर रहे हैं, जोनल अधिकारी की कुर्सी से वापस मूल पद पर भेजे गए लखनऊ नगर निगम के चर्चित कर अधीक्षक मनोज यादव की। जिनपर जोन-तीन के जोनल अधिकारी व पीसीएस आकाश कुमार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पत्र लिखकर नगर आयुक्त से कार्रवाई की संस्तुति की है।

गौरव कुमार ने किए थे दो दर्जन से ज्यादा ट्रांसफर
नगर आयुक्त ने करीब तीन महीने पूर्व अचानक नगर निगम में ऐतिहासिक तरीके से लगभग 35-40 ट्रांसफर किए थे जिसमें कई जोनल अधिकारी, कर अधीक्षक, जोनल सेनेटरी अधिकारी व निरीक्षक शामिल थे। इस आदेश को देख बड़े-बड़े दिग्गजों के पसीने छूट गए थे। कर अधीक्षक मनोज यादव को जोन-तीन ट्रांसफर किया गया था। जहां उन्होंने कर अधीक्षक व जोनल सेनेटरी अधिकारी के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। जोनल अधिकारी आकाश कुमार ने उन्हें सात वार्ड, अतिक्रमण, वेंडिंग जोन, विधि, आईजीआरएस समेत कईकार्य सौंपे गए थे मगर, बड़ी कुर्सी का स्वाद चख चुके मनोज यादव को कर अधीक्षक व जोनल सेनेटरी अधिकारी की कुर्सी रास नहीं आई।
सूत्रों के अनुसार दोबारा जोनल बनने के जोड़-तोड़ में लगे कर अधीक्षक पर गंभीर आरोप हैं, उनके द्वारा न तो गृहकर के कार्य किए जा रहे हैं और न ही अतिक्रमण के कार्य। आईजीआरएस के कार्य भी गुणवत्तापरक नहीं कर रहे हैं। कार्यालय में उनकी अनुपस्थिति के बारे में भी नगर आयुक्त को अवगत कराया गया है कि जिससे जनसूचना व नामांतरण के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। यही नहीं आरोप यह भी है कि हाउस टैक्स की समीक्षा बैठकों में शामिल नहीं होते फिर चाहे बैठक मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ही क्यों न लें। आरोपों से साफ है कि कर अधीक्षक बिना काम के ही वेतन ले रहे हैं।
ठेंगे पर हाउस टैक्स वसूली
कर अधीक्षक को जानकीपुरम द्वितीय वार्ड की सबसे बड़ी डिमांड ‘होटल स्टारफील्ड’ की आपत्ति पर टैक्स की जांच करनी थी, आपत्ति का निस्तारण तीन दिनों में करने के लिखित निर्देश थे मगर, कर अधीक्षक ने कोई जवाब नहीं दिया। सीलिंग व कुर्की की कार्रवाई में शामिल न होने से नगर निगम को करोड़ों की हानि हो रही है।
जांच अधिकारी ने खड़े किए हाथ
नगर आयुक्त ने मामले में जांच अधिकारी कर निर्धारण अधिकारी नंद किशोर को बनाया है। मगर, सूत्रों से जानकारी मिली है कि कर निर्धारण अधिकारी नंद किशोर इस विवाद में नहीं पडऩा चाहते हैं और जांच किसी अन्य अफसर से कराए जाने के लिए विभाग के बड़े अफसरों से सलाह ले रहें हैं।
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