मिर्जापुर धर्मांतरण केस: मास्टरमाइंड इमरान दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार, विदेशों तक फैला है नेटवर्क
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में चल रहे धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग रैकेट के मुख्य आरोपी इमरान को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से दबोच लिया है। इमरान विदेश भागने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने उसे घेर लिया। पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस रैकेट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का भी पर्दाफाश हुआ है।
दुबई और मलेशिया से जुड़ा ‘धर्मांतरण’ का तार
जांच में सामने आया है कि इमरान कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है। जांच एजेंसियों के हाथ लगे पासपोर्ट के मुताबिक, इमरान जनवरी 2024 में दुबई गया था। इसके अलावा वह बार-बार मलेशिया भी जाता रहता था।
सूत्रों का कहना है कि दुबई और मलेशिया में उसने धर्मांतरण के नेटवर्क से जुड़े कई संदिग्धों के साथ बैठकें की थीं। एजेंसियों को शक है कि इस पूरे काले कारोबार के लिए विदेशों से बड़ी फंडिंग की जा रही थी। इमरान की लग्जरी लाइफस्टाइल और विदेश यात्राओं पर होने वाला लाखों का खर्च भी अब जांच के दायरे में है।
जिम की आड़ में चलता था ‘हवस और धर्म परिवर्तन’ का खेल
इस पूरे रैकेट की शुरुआत मिर्जापुर के एक जिम सिंडिकेट से हुई। यहां पांच जिमों की एक चेन चलाई जा रही थी, जहां फिजिकल ट्रेनिंग के बहाने हिंदू महिलाओं को निशाना बनाया जाता था। आरोपी पहले महिलाओं से दोस्ती करते, फिर उनके निजी फोटो और वीडियो हासिल कर लेते थे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये आरोपी AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टूल्स की मदद से उन तस्वीरों को अश्लील कंटेंट में बदल देते थे। इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर महिलाओं पर यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जाता था। अब तक करीब 30 महिलाएं इस गैंग का शिकार बन चुकी हैं।
अब तक कौन-कौन हुए गिरफ्तार?
इस मामले में पुलिस अब तक इरशाद खान (GRP हेड कांस्टेबल) समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार होने वालों में जिम मालिक और ट्रेनर जैसे फरीद अहमद, मोहम्मद शेख अली आलम और फैजल खान शामिल हैं। मुख्य आरोपी फरीद अहमद को तो पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद पकड़ा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मिर्जापुर के डीएम पवन कुमार गंगवार ने शहर के उन सभी पांच जिमों को 27 फरवरी तक सील करने का आदेश दिया है, जो इस रैकेट में शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल से भारी मात्रा में AI-जेनरेटेड अश्लील डेटा और चैट बरामद की है, जिससे कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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