“वोट दिया BJP को तो भुगतना होगा”, बंगाल में TMC नेता की धमकी से बवाल
Sandesh Wahak Digital Desk: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासत तेज हो गई है। चुनावी माहौल के साथ ही थ्रेट कल्चर भी खुलकर सामने आने लगा है। तृणमूल कांग्रेस के दो संगठनात्मक जिलों बांकुड़ा और बिष्णुपुर के अध्यक्षों ने अलग अलग मंचों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमला बोला है। कहीं चुनाव के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं को इलाके से बाहर निकालने की चेतावनी दी गई तो कहीं चुनाव के बाद देख लेने की बात कही गई। इन बयानों के बाद बीजेपी ने भी पलटवार किया है।
बांकुड़ा में टीएमसी नेता की चेतावनी
यहां बांकुड़ा के तलडांगरा में हुई तृणमूल कांग्रेस की एक मीटिंग में बांकुड़ा ऑर्गेनाइजेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट ताराशंकर रॉय ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जो लोग BJP को भड़का रहे हैं, वे चुनाव के बाद समझ जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप बीजेपी का नाम लेंगे तो वे समझ जाएंगे।
कोतुलपुर में बिष्णुपुर संगठन अध्यक्ष का बयान
वहीं ये मामला यहीं नहीं रुका। यहां रविवार शाम को बांकुड़ा के कोतुलपुर में पार्टी की एक मीटिंग को संबोधित करते हुए बिष्णुपुर ऑर्गेनाइजेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट सुब्रत दत्ता ने भी BJP वर्कर्स को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि BJP को कोतुलपुर में बढ़ने नहीं दिया जा सकता। 2026 के चुनाव में उन्हें हराना होगा और इलाके से बाहर निकालना होगा।
टीएमसी नेता ने आगे कहा कि अगर आप उत्तर प्रदेश और बिहार जाएंगे तो आपके साथ मारपीट होगी और आप इन बंगालियों के पास वोट मांगने कैसे आते हैं। उन्होंने कहा कि आपको शर्म आनी चाहिए। उनके मुताबिक बंगाल के लोग बीजेपी को बिल्कुल वोट नहीं देंगे और भविष्य में बीजेपी को वोट देने वालों का क्या होगा, यह देखा जाएगा।
TMC के बयानों पर BJP का पलटवार
वहीं तृणमूल कांग्रेस की धमकियों पर BJP ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी है। बांकुड़ा से बीजेपी विधायक नीलाद्री शेखर दाना ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस डरी हुई है। उन्होंने कहा कि अगर BJP अपनी पूरी राजनीति पर उतर आई तो तृणमूल कांग्रेस का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा।
बांकुड़ा में खोई जमीन वापस पाने की कोशिश
दरअसल जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस बांकुड़ा जिले में अपने हमले तेज कर रही है। पिछले विधानसभा चुनाव 2021 में तृणमूल कांग्रेस बांकुड़ा जिले की 12 में से 8 सीटें हार गई थी। वहीं पिछले लोकसभा चुनाव में भी तृणमूल कांग्रेस जिले की 7 सीटों पर BJP से पीछे रही थी।
ऐसे में साफ है कि 2026 के विधानसभा चुनाव तृणमूल कांग्रेस के लिए बांकुड़ा जिले में खोई हुई जमीन वापस पाने की लड़ाई है। इसी रणनीति के तहत तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव से काफी पहले ही BJP पर लगातार आक्रामक रुख अपनाना शुरू कर दिया है।
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