लखनऊ में ‘बमबाजी’ कर मांगी 10 लाख की रंगदारी, STF और पुलिस ने 5 शातिर बदमाशों को दबोचा
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के दुबग्गा इलाके में दहशत का पर्याय बने एक शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। 16 जनवरी को सिकरौरी स्थित एस.आर. ट्रेडर्स की बिल्डिंग पर दिनदहाड़े बम फेंकने वाले 5 अभियुक्तों को पुलिस और स्वॉट (SWAT) टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए बदमाशों के पास से 3 जिंदा देसी बम, लूट के मोबाइल और दो मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं।
पहले मोबाइल लूटा, फिर उसी से दी धमकी
पूछताछ में गिरोह के सरगना इन्द्रेश कुमार सिंह ने जो खुलासा किया, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। गैंग की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। गिरोह ने सबसे पहले 11 जनवरी को मलिहाबाद में एक राहगीर से मोबाइल लूटा। इसी लूटे हुए मोबाइल का इस्तेमाल कर उन्होंने व्यापारी से 10 लाख रुपये मांगे। जब व्यापारी ने पैसे नहीं दिए, तो 16 जनवरी को गिरोह ने बिल्डिंग पर बम फेंक दिया ताकि वह डर जाए। पुलिस के डर से और अपनी पहचान छिपाने के लिए उन्होंने 22 जनवरी को काकोरी में एक महिला से दूसरा मोबाइल लूटा और फिर से धमकी देना शुरू किया।

दोबारा हमला करने जा रहे थे, तभी चढ़े हत्थे
पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच और दुबग्गा पुलिस को सूचना मिली कि यह गिरोह 26 जनवरी को फिर से किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। पुलिस ने घेराबंदी कर शेखपुरवा मोड़ से इन्हें दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 3 देसी बम मिले, जिन्हें बम निरोधक दस्ते ने तुरंत निष्क्रिय (Diffuse) कर दिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का प्रोफाइल
- इन्द्रेश कुमार सिंह (32): गिरोह का सरगना, निवासी माल। (पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाला)
- ज्ञानेन्द्र कुमार (25): निवासी माल।
- राज उर्फ राजा (19): निवासी काकोरी।
- मोनू (19): निवासी काकोरी।
- अंकित कुमार (20): निवासी काकोरी। (इनका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।)
व्यापारी ने हिम्मत दिखाते हुए अपराधियों के आगे झुकने के बजाय पुलिस का साथ दिया, जिसके कारण इस संगठित गिरोह का अंत संभव हो पाया। पुलिस अब इन पर विस्फोटक अधिनियम और रंगदारी की संगीन धाराओं के तहत कार्रवाई कर रही है।
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