Ayodhya News: इस्तीफा देने वाले GST अफसर पर भाई ने लगाया फर्जी सर्टिफिकेट का आरोप, बोले- पोल खुलने वाली थी, इसलिए रचा नाटक

Ayodhya News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को औरंगजेब कहे जाने से आहत होकर मंगलवार को इस्तीफा देने वाले प्रशांत कुमार सिंह के कदम को उनके भाई डॉ. विश्वजीत सिंह ने एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। विश्वजीत का दावा है कि प्रशांत ने दिव्यांग कोटे का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर सरकारी नौकरी पाई थी और अब जांच की आंच से बचने के लिए वे इस्तीफे का सहारा ले रहे हैं।

डॉ. विश्वजीत सिंह के मुताबिक, प्रशांत ने आंखों की जिस बीमारी के आधार पर दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाया है, वह डॉक्टरी विज्ञान के हिसाब से 50 साल से कम उम्र के व्यक्ति को हो ही नहीं सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत को पता चल गया था कि उनके फर्जीवाड़े की पोल खुलने वाली है और उन्हें अब तक मिली पूरी सैलरी (रिकवरी) सरकार को लौटानी पड़ सकती है, इसीलिए उन्होंने ‘इस्तीफे का ड्रामा’ रचा ताकि इसे भावनात्मक मुद्दा बनाया जा सके।

2021 से जारी है जांच की फाइल

यह विवाद नया नहीं है। विश्वजीत ने बताया कि उन्होंने 2021 में ही इस फर्जीवाड़े की शिकायत की थी।

नोटिस की अनदेखी: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) मऊ के मुताबिक, प्रशांत को दो बार (सितंबर और अक्टूबर 2021) मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होने का नोटिस दिया गया था, लेकिन वे दोनों बार गैरहाजिर रहे।

कमीश्नर को रिपोर्ट: सीएमओ ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट अयोध्या कमिश्नर को भेज दी है। अब अगर जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया, तो प्रशांत को जेल के साथ-साथ भारी आर्थिक वसूली का सामना भी करना पड़ेगा।

Also Read: यूपी के 771 निर्माण श्रमिकों को मिला 2.68 करोड़ का ‘तोहफा’, पेंशन बनी बुढ़ापे की लाठी

Get real time updates directly on you device, subscribe now.