बरेली की नई पहल: 50,000 छात्र-छात्राओं ने एक साथ ली सड़क सुरक्षा की शपथ, बनेंगे यातायात के ‘ब्रांड एम्बेसडर’

Sandesh Wahak Digital Desk: सड़कों पर बढ़ते हादसों को रोकने के लिए बरेली ने एक बड़ी और सराहनीय मिसाल पेश की है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के तहत जनपद के तमाम स्कूलों में एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 50,000 विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर सुरक्षित सफर का संकल्प लिया।

यह आयोजन 29 और 30 जनवरी को संभागीय परिवहन अधिकारी (RTO) पंकज सिंह के प्रस्ताव पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) अजीत कुमार के मार्गदर्शन में किया गया।

प्रार्थना सभा में गूंजी सुरक्षा की शपथ

जनपद के सभी माध्यमिक और उच्च विद्यालयों में सुबह की प्रार्थना सभा (असेंबली) के दौरान बच्चों को सामूहिक रूप से शपथ दिलाई गई। 50 हजार नन्हे हाथों ने हवा में उठकर यह वादा किया कि वे न केवल खुद नियमों का पालन करेंगे, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी जागरूक करेंगे।

विद्यार्थियों ने क्या संकल्प लिए?

हेलमेट और सीट बेल्ट: दोपहिया पर हेलमेट और कार में सीट बेल्ट का हमेशा प्रयोग करेंगे।

नाबालिग ड्राइविंग पर रोक: उम्र पूरी होने से पहले वाहन नहीं चलाएंगे।

नो मोबाइल: ड्राइविंग के दौरान कभी भी फोन का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

संवेदनशील व्यवहार: सड़क पर पैदल चलने वालों और अन्य चालकों के प्रति सम्मान और सावधानी बरतेंगे।

न केवल शपथ, बल्कि मिला ‘प्रैक्टिकल ज्ञान’

सिर्फ वादे ही नहीं, बल्कि बच्चों को सड़क पर सुरक्षित रहने के जरूरी गुर भी सिखाए गए। शिक्षकों ने उन्हें यातायात संकेतों, ज़ेब्रा क्रॉसिंग, लेन अनुशासन और साइड इंडिकेटर के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य यह था कि बच्चे यातायात नियमों को बोझ न समझकर इसे अपने जीवन के अनुशासन का हिस्सा बनाएं।

सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश

इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने एक बड़ा संदेश दिया है सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या परिवहन विभाग की ड्यूटी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है। स्कूल स्तर पर शुरू किया गया यह प्रयास भविष्य में जिम्मेदार और जागरूक नागरिक तैयार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

 

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