कूच बिहार में डंपर गुजरते ही भरभराकर गिरा पुल, बीच नदी में फंसा वाहन, BJP और TMC में शुरू हुआ जुबानी जंग

Sandesh Wahak Digital Desk: शीतलकुची के बारोमाशिया देबनाथपारा में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। माल से लदा एक भारी डंपर जैसे ही 30 साल पुराने जर्जर पुल पर चढ़ा, पुल का एक हिस्सा तेज आवाज के साथ नदी में समा गया। डंपर बीच में ही फंस गया, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल पिछले 25-30 सालों से जर्जर हालत में था। देबनाथपारा न्यू मार्केट को बारोमाशिया से जोड़ने वाले इस पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार जारी थी। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि जल्द ही माध्यमिक परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं, ऐसे में अगर वैकल्पिक रास्ता नहीं बनाया गया तो छात्रों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। पुल गिरते ही बंगाल की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी और टीएमसी के बीच तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया।

बीजेपी का हमला: बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पुल गिरना बंगाल की कट मनी संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार से प्रेरित पतन करार दिया।

टीएमसी का पलटवार: टीएमसी नेता देबांशु भट्टाचार्य ने करारा जवाब देते हुए कहा कि यह पुल वामपंथियों (Left) के शासन में बना था, तो इसमें टीएमसी का नाम लेना बेतुका है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि बीजेपी बताए कि गुजरात और बिहार में उनकी स्पेस टेक्नोलॉजी से बने कितने पुल हाल के दिनों में गिर गए?

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