बलरामपुर: आंगनबाड़ी भर्ती में 1.40 लाख की रिश्वत लेने वाले दो बाबू और बिचौलिया गिरफ्तार

​भ्रष्टाचार की काली कमाई से शेयर बाजार और जमीन में निवेश, नौकरी के नाम पर वसूली करने वाला गिरोह सलाखों के पीछे

Sandesh Wahak Digital Desk: बलरामपुर जनपद के बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की नियुक्ति के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार के बड़े खेल का पर्दाफाश करते हुए कोतवाली नगर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में विभाग के दो तत्कालीन लिपिकों और एक बिचौलिये को ₹1,40,000 की रिश्वत लेने के आरोप में जेल भेजा गया है।

​जांच समिति की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ मुकदमा

मामले की शुरुआत ग्राम लोलबोझी निवासी महेंद्र प्रताप सिंह की शिकायत से हुई। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित एक उच्चस्तरीय जांच समिति, जिसमें जिला पंचायत राज अधिकारी और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी समेत कई जिला स्तरीय अधिकारी शामिल थे, ने मामले की गहनता से पड़ताल की। जांच आख्या में भ्रष्टाचार की पुष्टि होने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) इफ्तखार अहमद की तहरीर पर कोतवाली नगर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व 8 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।

​गिरफ्तारी और बरामदगी

अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी नगर ज्योति श्री के पर्यवेक्षण में गठित पुलिस टीम ने शनिवार, 31 जनवरी 2026 को बिजलीपुर बाईपास से तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जमुना प्रसाद (तत्कालीन लिपिक, तुलसीपुर), रामसुचित वर्मा (तत्कालीन चयन पटल सहायक, विकास भवन) और बिचौलिये मुन्नालाल जायसवाल उर्फ साधू के रूप में हुई है।

फोन का परहेज और शेयर बाजार में निवेश

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे भर्ती के लिए शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत रूप से बुलाकर ₹90,000 से लेकर ₹1.40 लाख तक की मांग करते थे। पकड़े जाने के डर से वे पैसे के लेन-देन के लिए फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। डिजिटल साक्ष्यों की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि चयन पटल सहायक रामसुचित वर्मा रिश्वत से मिली इस अवैध राशि को शेयर मार्केट और जमीन की खरीद-फरोख्त में निवेश करता था। पुलिस अब इस सिंडिकेट के अन्य नेटवर्क की तलाश में गहन विवेचना कर रही है।

रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी

 

Also Read: मऊ के बाबू के ठिकानों से मिली 17 करोड़ की संपत्ति, बिहार-झारखंड के कई शहरों में मिले महल और गोदाम

Get real time updates directly on you device, subscribe now.