Prayagraj News: तमंचे और कारतूस के साथ पकड़ा गया माफिया अतीक के बेटे का बमबाज दोस्त
Prayagraj News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पुलिस ने नकली दरोगा के नाम से कुख्यात जीशान जाकिर को तमंचे और कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया है। करेली थाना क्षेत्र की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर माफिया अतीक अहमद के पुराने नेटवर्क और उसके करीबियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। जीशान चकिया इलाके का रहने वाला है और माफिया अतीक अहमद के बेटे अली का बेहद करीबी बताया जाता है।
रात के झगड़े से खुली पोल
दरअसल मामला करेली के अकबरपुर इलाके का है, जहां देर रात दो पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था। इसी दौरान एक पक्ष की ओर से जीशान जाकिर मौके पर पहुंचा और तमंचा लहराते हुए लोगों को धमकाने लगा। जीशान की इस हरकत से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही करेली थाने के प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घेराबंदी कर जीशान को दबोच लिया।
वहीं पुलिस ने जब जीशान की तलाशी ली तो उसके पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद हुआ। एसीपी राजकुमार मीणा ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और इस मामले में जो भी लोग शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि झगड़े के पीछे की असली वजह क्या थी और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
फायरिंग और बमबाजी का पुराना इतिहास
दरअसल जीशान जाकिर कोई नया नाम नहीं है। उस पर पहले से ही फायरिंग और बमबाजी के कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जीशान ने इलाके में दहशत कायम करने के लिए पहले भी कई बार हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया है। उसका नाम रंगदारी और धमकी के मामलों में भी सामने आता रहा है।
आपको बताते चलें कि, जीशान प्रयागराज के चकिया इलाके का रहने वाला है, जिसे माफिया अतीक अहमद का गढ़ माना जाता है। बताया जाता है कि उसकी अतीक के बेटे अली से गहरी दोस्ती थी। इसी नजदीकी के दम पर वह इलाके में दबदबा बनाने की कोशिश करता था और लोगों को डराकर अपने काम निकालता था।
दरोगा बनकर लोगों को धमकाने का किस्सा
जीशान का एक पुराना किस्सा भी काफी चर्चित रहा है। कुछ साल पहले वह प्रयागराज के घूरपुर इलाके में दरोगा की वर्दी पहनकर लोगों को धमकाने पहुंच गया था। उस दौरान उसने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों पर रौब जमाने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद भी उसकी आपराधिक गतिविधियां नहीं रुकीं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जीशान को माफिया अतीक के कुछ करीबी प्रॉपर्टी डीलरों का संरक्षण मिला हुआ था। जमीन से जुड़े मामलों में लोगों को डराने और धमकाने के लिए जीशान का इस्तेमाल किया जाता था। एसीपी राजकुमार मीणा के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
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