Budget 2026: चिप उत्पादन के लिए 40,000 करोड़ का फंड, छोटे उद्योगों और टेक्सटाइल सेक्टर को भी मिली नई ताकत
Sandesh Wahak Digital Desk: केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत को ग्लोबल टेक हब बनाने की दिशा में कई बड़े ऐलान किए हैं। सरकार का सबसे बड़ा दांव सेमीकंडक्टर यानी चिप निर्माण पर है, जिसके बिना आज की डिजिटल दुनिया अधूरी है।
वित्त मंत्री ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पहले चरण की सफलता के बाद अब सरकार का फोकस भारत की अपनी बौद्धिक संपदा (IP) विकसित करने और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर है।
बड़ा निवेश: इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
फायदा: इससे भारत में मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कलपुर्जों का उत्पादन तेजी से बढ़ेगा। साथ ही, रिसर्च और ट्रेनिंग के लिए खास सेंटर भी खोले जाएंगे।
SME और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए खुशियों की सौगात
सिर्फ तकनीक ही नहीं, सरकार ने उन क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया है जो सबसे ज्यादा रोजगार पैदा करते हैं।
SME सेक्टर: छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एक समर्पित फंड बनाया गया है। यह फंड उन उद्यमों की मदद करेगा जो भविष्य में नौकरियां पैदा करने की क्षमता रखते हैं।
वस्त्र (Textiles) क्षेत्र: कपड़ा उद्योग के लिए एक एकीकृत कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत ‘नेशनल फाइबर स्कीम’ आएगी, जिसका लक्ष्य रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक रेशों में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है।
बुनकरों का साथ: राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम के जरिए पारंपरिक बुनकरों और कारीगरों को सीधी आर्थिक मदद और आधुनिक मशीनरी उपलब्ध कराई जाएगी।

