‘मैं आपका सलाहकार नहीं हूं…’, सदन में राहुल गांधी पर भड़के स्पीकर ओम बिरला
Sandesh Wahak Digital Desk: लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान आज भारी हंगामा हुआ। बहस के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे की एक ‘अप्रकाशित’ किताब का हवाला देते हुए डोकलाम और चीनी टैंकों की मौजूदगी का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी के इस बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत मोर्चा खोल दिया और कड़ी आपत्ति जताई।
नियमों को लेकर छिड़ी रार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को नियम संख्या 349 का हवाला देते हुए ऐसी किसी किताब का जिक्र न करने की हिदायत दी जो आधिकारिक तौर पर प्रकाशित ही नहीं हुई है। स्पीकर ने बार-बार राहुल गांधी को टोकते हुए कहा कि वह विषय की मर्यादा में रहकर अपनी बात रखें।
जब राहुल गांधी नहीं रुके, तो उन्होंने तंज कसते हुए स्पीकर से कहा, “तो फिर आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना है।” इस पर ओम बिरला ने सख्त लहजे में जवाब दिया, “मैं आपका सलाहकार नहीं हूं। आपको उसी मुद्दे पर बात करनी चाहिए, जिस पर सदन में चर्चा हो रही है।”
राहुल गांधी के सवाल और सत्ता पक्ष के तेवर
राहुल गांधी ने सदन में सवाल उठाया कि आखिर कौन सा नियम उन्हें भारत-चीन संबंधों पर बोलने से रोकता है? उन्होंने यह भी कहा कि क्या विदेश नीति का राष्ट्रपति के अभिभाषण से कोई लेना-देना नहीं है?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि आसन (स्पीकर) द्वारा व्यवस्था दिए जाने के बाद भी नेता प्रतिपक्ष उसी बात को दोहरा रहे हैं, जिससे सदन चलाना मुश्किल हो रहा है।
राहुल के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव
विपक्ष के हंगामे के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव राहुल गांधी के समर्थन में खड़े हो गए। उन्होंने चीन के मुद्दे को देश के लिए ‘संवेदनशील’ बताया और कहा डॉ. लोहिया और मुलायम सिंह यादव भी हमेशा चीन से सावधान रहने की बात कहते थे। अगर कोई सुझाव देशहित में है, तो विपक्ष के नेता को उसे पढ़ने देना चाहिए।
सदन में दोनों पक्षों के बीच लगातार होती बयानबाजी और गतिरोध को देखते हुए स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। सत्ता पक्ष का कहना था कि राहुल गांधी सदन की गरिमा के खिलाफ जाकर अपुष्ट तथ्यों का सहारा ले रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक बता रहा था।
Also Read: ‘नकली हस्ताक्षर कर काटे जा रहे अल्पसंख्यकों के वोट’, अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा आरोप

