विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण: प्रक्रिया पूरी नही की तो नहीं बन सकेंगे मतदाता
कुशीनगर में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र भरना अनिवार्य
पडरौना, कुशीनगर। संचालित हो रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मतदाता सूची से संबंधित फार्म-6, 6क, 7 एवं 8 भरने की प्रक्रिया को लेकर उप जिलाधिकारी व जिला निर्वाचन अधिकारी वैभव मिश्रा ने नागरिकों को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने हेतु फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र भरना अनिवार्य है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि फार्म-6 में आवेदक का नाम एवं सही पता शुद्ध वर्तनी में नवीनतम स्पष्ट फोटो तथा वर्तमान मोबाइल नंबर अंकित किया जाना आवश्यक है।
आयु प्रमाण के लिए जारी हुआ विकल्प
आयु प्रमाण के लिए मान्य अभिलेख आयु के प्रमाण के लिए आवेदक निम्न में से कोई एक अभिलेख संलग्न कर सकता है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, हाईस्कूल अथवा इंटरमीडिएट प्रमाण पत्र (जिसमें जन्म तिथि अंकित हो), भारतीय पासपोर्ट अथवा जन्म तिथि के प्रमाण के लिए कोई अन्य वैध दस्तावेज।
मान्य विकल्प नहीं तो करें यह काम
यदि नये मतदाता बनने के लिए उक्त मान्य विकल्पों में से कोई भी अभिलेख उपलब्ध नहीं है, तो 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के आवेदकों को माता-पिता अथवा गुरु (तृतीय लिंग के संदर्भ में) के हस्ताक्षरयुक्त शपथ पत्र (अनुलग्नक-27) के साथ बूथ लेवल अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा।
जीवित न हो माता-पिता
यदि माता-पिता जीवित न हों, तो ग्राम प्रधान, नगर निगम अथवा नगर पंचायत सदस्य द्वारा प्रदत्त आयु प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जा सकता है। वहीं, 21 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के आवेदक केवल अपना घोषणा पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।
निवास प्रमाण पत्र के लिए मान्य हैं यह दस्तावेज
निवास प्रमाण से संबंधित दस्तावेज के लिए पानी, बिजली अथवा गैस कनेक्शन का कम से कम एक वर्ष पुराना बिल, आधार कार्ड, राष्ट्रीयकृत या अनुसूचित बैंक अथवा डाकघर की वर्तमान पास बुक, भारतीय पासपोर्ट, राजस्व विभाग का भूमि स्वामित्व अभिलेख (किसान बही सहित), पंजीकृत किराया पट्टा विलेख अथवा पंजीकृत विक्रय विलेख मान्य होंगे। यदि कोई भी अभिलेख उपलब्ध न हो, तो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा।
घोषणा पत्र में वर्ष 2003 की मतदाता सूची का विवरण अनिवार्य
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि फार्म-6 के साथ दिए जाने वाले घोषणा पत्र में आवेदक को वर्ष 2003 की अंतिम मतदाता सूची में स्वयं अथवा माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी में से किसी एक का विवरण, विधान सभा क्षेत्र संख्या, भाग संख्या एवं क्रम संख्या अंकित करनी होगी। यदि यह विवरण सही मैपिंग के साथ उपलब्ध है, तो आवेदक को कोई नोटिस निर्गत नहीं किया जाएगा। यदि विवरण उपलब्ध नहीं है अथवा डाटाबेस से मेल नहीं खाता है, तो नोटिस जारी किया जाएगा।
जारी नोटिस के उत्तर में मिले 13 विकल्प
नोटिस के उत्तर में 13 विकल्प दिये गये हैं। जिनमें जन्म तिथि अथवा जन्म स्थान के प्रमाण के लिए निम्न में से कोई एक अभिलेख प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा- सरकारी कर्मचारी/पेंशनभोगी पहचान पत्र, 01 जुलाई 1987 से पूर्व जारी कोई पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, भारतीय पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, परिवार रजिस्टर, सरकारी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र, आधार संबंधी आयोग के निर्देशानुसार वैध दस्तावेज अथवा बिहार एसआईआर की मतदाता सूची का अंश (01 जुलाई 2025)।
यह भी जानना है जरूरी
जन्म तिथि के अनुसार अतिरिक्त शर्तें यदि आवेदक का जन्म 01 जुलाई 1987 से पूर्व भारत में हुआ है, तो उपरोक्त 13 में से कोई एक अभिलेख देना होगा। यदि जन्म 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के बीच हुआ है, तो स्वयं के साथ माता या पिता के जन्म प्रमाण से संबंधित अभिलेख भी देने होंगे। यदि जन्म 02 दिसंबर 2004 के बाद हुआ है, तो स्वयं, पिता एवं माता तीनों के जन्म तिथि/जन्म स्थान के प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
जन्म के समय का वैद्य पासपोर्ट मान्य
यदि अभिभावक में से कोई भारतीय नहीं है, तो जन्म के समय का वैध पासपोर्ट एवं वीजा प्रस्तुत करना होगा। भारत के बाहर जन्म की स्थिति में भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म पंजीकरण प्रमाण पत्र अथवा नागरिकता प्रमाण पत्र संलग्न करना आवश्यक होगा।
फार्म-7 से संबंधित निर्देश
नाम अपमार्जन के लिए फार्म-7 किसी पंजीकृत मतदाता द्वारा मृत्यु, अवयस्कता, स्थायी स्थानांतरण, दोहरे नामांकन अथवा नागरिकता से संबंधित कारणों के आधार पर भरा जा सकता है। आवेदन में संबंधित व्यक्ति का पूरा विवरण एवं प्रमाण देना अनिवार्य होगा। गलत जानकारी देने पर दंड का प्रावधान है।
गलत सूचना पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आवेदन में दी गई किसी भी जानकारी के असत्य पाए जाने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
Also Read: शायर मुनव्वर राना की बेटी को पति ने दिया ‘तीन तलाक’, हिबा राना ने लगाए गंभीर आरोप

