सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में तरक्की की बहार, 22 शिक्षकों को मिली प्रोन्नति, कैंपस में खुलेगा AI सेंटर
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर की कार्य परिषद की बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, शोध एवं संस्थागत विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए अनुमोदन प्रदान किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय में कार्यरत 19 सहायक आचार्यों को लेवल–10 से लेवल–11 में प्रोन्नति तथा 3 एसोसिएट प्रोफेसरों को प्रोफेसर पद पर पदोन्नति प्रदान किए जाने का अनुमोदन कार्य परिषद द्वारा किया गया।
19 असिस्टेंट प्रोफेसर और 3 प्रोफेसरों की हुई पदोन्नति
इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव, वित्त अधिकारी रामेंद्र मौर्य, संकायाध्यक्ष कला प्रो. नीता यादव, संकायाध्यक्ष विज्ञान प्रो. प्रकृति राय, कुलानुशासक प्रो. दीपक बाबू सहित कार्य परिषद के सदस्यगण पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति अनिरुद्ध सिंह, प्रो. अरविंद कुमार सिंह, प्रो. बृजेश त्रिपाठी, प्रो. एस.पी. सिंह, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह एवं अन्य सदस्यों ने सभी प्रोन्नत आचार्यगण को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में कार्यरत सभी शिक्षक पूरी लगन, निष्ठा और टीम भावना के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह ऊर्जावान अकादमिक टीम विश्वविद्यालय को शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी तथा शिक्षक निरंतर रचनात्मक और नवोन्मेषी कार्य करते रहेंगे।
विदित है कि विगत दिनों असिस्टेंट प्रोफेसर का लेवल 10 से लेवल है 11 एवं एसोसिएट प्रोफेसर का प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति हेतु स्क्रीनिंग एवं चयन समिति ने साक्षात्कार के उपरांत अपनी संस्तुति बंद लिफाफे में प्रस्तुत किया था, जिस कार्य परिषद की बैठक में अनुमोदन हेतु खोला गया।
भविष्य की तकनीक: AI और डाटा सेंटर
कार्य परिषद की बैठक में ही पाठ्यक्रमों एवं अध्ययन–अध्यापन में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एवं आधुनिक तकनीकों की सकारात्मक भूमिका पर भी विशेष चर्चा की गई। कार्य परिषद में यह प्रस्ताव रखा गया कि AI के माध्यम से अध्ययन एवं शोध को अधिक प्रभावी बनाने हेतु कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षकों के माध्यम से शिक्षकों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जाए, जिससे शैक्षणिक प्रविधियों के माध्यम से विषय-वस्तु को अधिक सुगम, रोचक एवं अधिगमपरक बनाया जा सके।
इसके साथ ही कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय परिसर में सस्टेनेबिलिटी ऑफिस की स्थापना के प्रस्ताव को भी अनुमोदन प्रदान किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि सस्टेनेबिलिटी ऑफिस सतत विकास की अवधारणा को केंद्र में रखते हुए शोध, नवाचार, पाठ्यक्रम विकास, रोजगारोन्मुख कार्यक्रम एवं शिक्षांतर गतिविधियों को एक समन्वित और सुदृढ़ दिशा प्रदान करेगा, जिससे विश्वविद्यालय की अकादमिक एवं सामाजिक उपलब्धियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
शिक्षकों को मिलेगी खास ट्रेनिंग
उत्तर प्रदेश राजभवन के निर्देशों के क्रम में विश्वविद्यालय में डाटा बैंक/डाटा सेंटर की स्थापना के प्रस्ताव पर भी कार्य परिषद ने अनुमोदन प्रदान किया। इसके अतिरिक्त भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र की स्थापना संबंधी आईसीसी की संस्तुति को भी कार्य परिषद द्वारा स्वीकृति दी गई।
बैठक में जलवायु परिवर्तन (Climate Change) जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में हिमालयन सेंटर (Himalayan Centre) की स्थापना के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई, जिसे क्षेत्रीय एवं वैश्विक शोध की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी बताया गया।
रिपोर्ट: जाकिर खान
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