Lucknow News: रीजेंसी हॉस्पिटल में नेक्स्ट-जेनरेशन कैथ लैब की शुरुआत, दिल और दिमाग के मरीजों को मिलेगी हाई-टेक राहत
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं को अगले स्तर पर ले जाते हुए रीजेंसी हॉस्पिटल ने कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) और न्यूरोवैस्कुलर (नसों से जुड़े) इलाज के लिए अपनी नई एडवांस्ड कैथ लैब का उद्घाटन किया है। यह लैब न केवल डॉक्टरों को सटीक सर्जरी में मदद करेगी, बल्कि मरीजों के लिए भी रिकवरी को तेज और सुरक्षित बनाएगी।
आजकल जटिल कार्डियक और न्यूरो ऑपरेशनों में मिनिमली इनवेसिव (कम चीरा-फाड़ी वाली) तकनीकों का चलन बढ़ा है। उद्घाटन के मौके पर रीजेंसी हेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अतुल कपूर ने कहा, जब केस पेचीदा हो, तो इलाज की सफलता केवल डॉक्टर के हुनर पर नहीं, बल्कि अस्पताल की तकनीक पर भी निर्भर करती है। यह नई लैब हमारे डॉक्टरों को और भी ज्यादा सटीकता के साथ काम करने की ताकत देगी। वहीं, अस्पताल के सीईओ अभिषेक कपूर ने बताया कि इस लैब का सीधा असर इलाज की गुणवत्ता और सुरक्षा पर पड़ेगा, जिससे मरीजों का भरोसा और मजबूत होगा।
इस कैथ लैब की 3 बड़ी खासियतें
कम रेडिएशन, ज्यादा सुरक्षा: पुराने सिस्टम के मुकाबले इसमें X-ray डोज 50% तक कम लगती है। विशेष सेटिंग्स के जरिए रेडिएशन के खतरे को 70% तक घटाया जा सकता है, जो मरीज और डॉक्टर दोनों की सेहत के लिए बेहतर है।
हाई-डेफिनिशन इमेजिंग: इसमें लगा 12-इंच का फ्लैट-पैनल डिटेक्टर दिल की छोटी से छोटी नसों और ट्यूमर की बारीक संरचनाओं को हाई-रिज़ॉल्यूशन में दिखाता है।
फास्ट वर्कफ्लो: टैबलेट जैसे टेबल-साइड कंट्रोल की वजह से लंबी और जटिल सर्जरी के दौरान डॉक्टर तेजी से फैसले ले सकेंगे और मरीज की पोजीशन को आसानी से एडजस्ट कर पाएंगे।
सीनियर कंसल्टेंट डॉ. हर्षित गुप्ता के मुताबिक, इंटरवेंशनल प्रक्रिया के दौरान नसों का साफ दिखना सबसे जरूरी होता है। यह नई मशीन कम रेडिएशन में बेहतरीन विजुअल्स देती है, जिससे रिस्क मैनेजमेंट बेहतर होता है। खासकर उन मरीजों के लिए यह वरदान है जिनका इलाज लंबे समय तक चलना है या जिन्हें बार-बार प्रक्रिया की जरूरत होती है।
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