UP में नशे के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़, ANTF ने बरामद किया 1.65 करोड़ का गांजा
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की गोरखपुर यूनिट ने गुरुवार, 5 फरवरी को देवरिया जिले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। टास्क फोर्स ने एक टाटा कंटेनर से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1 करोड़ 65 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में दो शातिर तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है।
मकई के दानों के बीच छिपा था मौत का सामान
गिरफ्तार तस्करों ने पूछताछ में तस्करी का जो तरीका बताया, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। उन्होंने बताया कि वे असम से गांजा लेकर आ रहे थे। पकड़े जाने से बचने के लिए उन्होंने कंटेनर में मकई (मक्के) के दानों के बड़े-बड़े बंडल लाद रखे थे और उन्हीं के बीच में गांजे के पैकेट छिपाए हुए थे। यह खेप देवरिया में सप्लाई की जानी थी।
बांके बिहारी बिल्डिंग मटेरियल के पास हुई गिरफ्तारी
ANTF की टीम ने सटीक सूचना के आधार पर देवरिया के थाना लार क्षेत्र स्थित श्री बांके बिहारी बिल्डिंग मटेरियल, चोरडीहा के पास घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध टाटा कंटेनर वहां पहुंचा, टीम ने उसे रोक लिया। सघन तलाशी के दौरान मकई के बंडलों के नीचे से 328.73 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
गिरफ्तार तस्करों का ब्योरा
अमरजीत मुखिया: पुत्र नरेश मुखिया, निवासी दरभंगा (बिहार)।
शैलेश गोंड: पुत्र रामप्रीत, निवासी देवरिया (उत्तर प्रदेश)।
बरामदगी की लिस्ट
गांजा: 328.73 किलोग्राम (कीमत ₹1.65 करोड़)
वाहन: 01 टाटा कंटेनर
अन्य: 02 एंड्रॉइड मोबाइल और ₹1,410 नकद
देवरिया के ‘मास्टरमाइंड’ की तलाश
पकड़े गए आरोपियों ने कुबूल किया कि वे देवरिया के ही रहने वाले एक बड़े तस्कर के लिए काम करते हैं। पुलिस ने थाना लार में एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं (8/20/29/60) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस उस मुख्य सरगना की तलाश में दबिश दे रही है, जिसके कहने पर असम से यह करोड़ों का काला कारोबार संचालित हो रहा था।
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