कुशीनगर के किसानों के लिए अलर्ट, ‘फार्मर रजिस्ट्री’ न कराने पर रुक जाएगी सम्मान निधि

पडरौना (कुशीनगर): जिले के लाखों किसानों के लिए आने वाला समय मुश्किल भरा हो सकता है, यदि उन्होंने समय रहते अपनी ‘फार्मर रजिस्ट्री’ पूरी नहीं की। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुशीनगर के कुल 5.55 लाख किसानों में से करीब 2.26 लाख किसानों ने अब तक अपनी रजिस्ट्री नहीं कराई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन किसानों की रजिस्ट्री अधूरी रहेगी, उन्हें पीएम किसान निधि और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से हाथ धोना पड़ सकता है।

क्यों जरूरी है फार्मर रजिस्ट्री?

उप कृषि निदेशक अतिंद्र सिंह ने बताया कि सरकार अब कृषि से जुड़ी सभी योजनाओं को ‘फार्मर रजिस्ट्री’ से जोड़ रही है। इसे एक तरह से किसानों का डिजिटल आईडी कार्ड माना जा सकता है। इसके बिना न तो सम्मान निधि की अगली किस्त आएगी और न ही बीज, खाद या कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ मिल पाएगा।

रजिस्ट्री कराने के 3 आसान तरीके

गांव में लगने वाले कैंप: ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि, राजस्व और पंचायत विभाग मिलकर विशेष कैंप लगा रहे हैं, वहां जाकर अपना पंजीकरण कराएं।

सहज जन सेवा केंद्र: अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर भी यह काम करवाया जा सकता है।

खुद के मोबाइल से: किसान गूगल प्ले स्टोर से सरकारी ऐप डाउनलोड कर खुद भी अपनी रजिस्ट्री पूरी कर सकते हैं।

अतिंद्र सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे इस काम को बोझ न समझें और शीघ्रता से पूर्ण कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग पूरी कोशिश कर रहा है कि कोई भी पात्र किसान योजना से वंचित न रहे, लेकिन इसके लिए किसानों का सहयोग अनिवार्य है। अगर आप चाहते हैं कि सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे आपके खाते में आता रहे, तो आज ही अपनी फार्मर रजिस्ट्री चेक करें।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

 

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