‘राज्यपाल का भाषण जुमलों का महोत्सव’, अखिलेश यादव का योगी सरकार पर दोहरा प्रहार
Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज राज्य और केंद्र, दोनों ही सरकारों पर तीखा हमला बोला। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी कागजों पर हरियाली उगाने से जनता भ्रमित नहीं होगी। वहीं, संसद परिसर में उन्होंने देश की भौगोलिक अखंडता और किसानों के भविष्य को लेकर केंद्र सरकार से कड़े सवाल किए।
“अराजकता और अव्यवस्था का दौर”
अखिलेश यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण को भ्रष्टाचार में डूबी सरकार की आत्ममुग्धता करार दिया। उन्होंने कहा कि सपा काल में मेट्रो जहां तक पहुंची थी, भाजपा उसे एक इंच आगे नहीं बढ़ा पाई। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसा कोई दूसरा प्रोजेक्ट खड़ा नहीं हो सका। अस्पतालों में चूहे और कुत्ते घूम रहे हैं। जब सपा ने ‘PDA पाठशाला’ शुरू की, तो सरकार ने शिक्षकों पर मुकदमे लाद दिए। जल जीवन मिशन के तहत बनी टंकियां भ्रष्टाचार के भार से पानी भरते ही ढह रही हैं। बांदा जेल से माफिया का भागना और मंत्रियों-विधायकों के अपहरण की खबरें यूपी में चरम अराजकता का प्रमाण हैं।

‘चीन और अमेरिका को सौंप दिया देश का बाजार’
संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति और सीमा विवाद पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने पूछा कि 2014 के मुकाबले आज देश का क्षेत्रफल कितना है? चीन हमारी जमीन छीन रहा है और भाजपा के लोग मुनाफा कमाने के लिए चीन से ही सामान मंगा रहे हैं। अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अब सोयाबीन और जानवरों का चारा (फीड) भी बाहर से आएगा। अगर सब कुछ विदेश से आएगा तो झांसी के रिसर्च इंस्टीट्यूट और हमारे किसानों का क्या होगा?

सदन से सड़क तक प्रदर्शन
विधानसभा में सपा विधायकों ने लाल टोपी पहनकर और हाथों में पोस्टर लेकर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित मणिकर्णिका घाट को तोड़े जाने, महंगाई, बेरोजगारी और महिला अपराधों को लेकर सपा ने सत्ता परिवर्तन तक संघर्ष का ऐलान किया है।
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