शिक्षकों का हल्ला बोल: TET की अनिवार्यता के खिलाफ दिल्ली कूच की तैयारी, शिक्षक बोले- ‘हक के लिए संसद तक लड़ेंगे’
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को अनिवार्य किए जाने के फैसले ने तूल पकड़ लिया है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि सरकार के इस रुख से सालों से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। 9 फरवरी को सदन में सरकार की ओर से मिले लिखित जवाब के बाद शिक्षकों का गुस्सा और बढ़ गया है।
दिल्ली में पैदल मार्च और बड़ी रैली की तैयारी
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने स्पष्ट कर दिया है कि अब बातचीत का समय निकल चुका है। उन्होंने एलान किया कि जल्द ही देश भर के लाखों शिक्षक दिल्ली में इकट्ठा होंगे और एक विशाल रैली के साथ पैदल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
मामला सुप्रीम कोर्ट में, फिर भी नाराजगी क्यों?
शिक्षक संघ का कहना है कि TET अनिवार्यता का मुद्दा अभी सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में विचाराधीन है। संगठन का तर्क है कि जब तक न्यायिक प्रक्रिया जारी है, तब तक ऐसे कड़े फैसले लेना अनुचित है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका संगठन किसी भी राजनीतिक दल के समर्थन में नहीं है, बल्कि केवल शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए लड़ रहा है।
सरकार और NCTE को सीधी चेतावनी
शिक्षक नेताओं ने केंद्र सरकार और NCTE (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों या नियमों में संशोधन कर शिक्षकों को राहत नहीं दी, तो यह आंदोलन ‘सड़क से संसद’ तक चलेगा। उन्होंने शिक्षकों को भरोसा दिलाया है कि किसी भी कीमत पर उनकी नौकरी या अधिकारों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
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