एपस्टीन फाइल्स विवाद पर हरदीप पुरी का राहुल गांधी को जवाब, बोले- मैं सिर्फ डेलिगेशन का हिस्सा था
Sandesh Wahak Digital Desk: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जेफरी एपस्टीन के साथ संबंधों के आरोपों पर राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने साफ किया कि बदनाम अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से उनकी मुलाकात केवल एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में हुई थी और इसका एपस्टीन के काले कारनामों से कोई लेना-देना नहीं है।
पत्रकारों से बात करते हुए हरदीप पुरी ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि वह कुछ मौकों पर एक डेलिगेशन के साथ एपस्टीन से मिले थे। लाखों ईमेल में से उनका नाम सिर्फ 3-4 बार आया है और उन्होंने केवल एक बार ईमेल का आदान-प्रदान किया था। उन्होंने कहा, हमारी बातचीत मेक इन इंडिया के बारे में थी। मेरा मुख्य संपर्क लिंक्डइन के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन से था, जिन्हें मैंने भारत आने का न्यौता दिया था। पुरी ने चुटकी लेते हुए कहा कि एपस्टीन को उनकी गतिविधियों में कोई दिलचस्पी नहीं थी और उसने खुद मुझे दोमुंहा (Two-faced) कहा था क्योंकि मैं उसके काम का सही व्यक्ति नहीं था।
हरदीप पुरी ने राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बिना तथ्यों के आरोप लगाने की आदत हो गई है। उन्होंने कहा, देश में दो तरह के नेता होते हैं एक वे जो मेहनत से देश को चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना चुके हैं, और दूसरे वे जिनके आचरण में मसखरेपन के तत्व नजर आते हैं।
एपस्टीन फाइल्स की गंभीरता को समझें
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी को नसीहत दी कि उन्हें पहले उन फाइल्स की गंभीरता को पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल्स यौन शोषण और गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़ी हैं, जो एक निजी द्वीप पर किए गए कुकर्मों के बारे में हैं। पुरी ने जोर देकर कहा कि उनकी किसी भी आधिकारिक बातचीत का इन अपराधों से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है।
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